स्कूल के बच्चों ने पुआल नहीं जलने की ली शपथ

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कृषि मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि आज कृषि विभाग के सहयोग से राज्य के
सभी राजकीय विद्यालयों में पढने वाले छात्र/छात्राओं द्वारा सुबह की प्रार्थना सभा में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए
शपथ लिया गया है तथा फसल प्रबंधन हेतु इस सभी विद्यालयों में एक विशेष सत्र भी चलाया गया। इस कार्यक्रम में
राज्य के सभी छात्र-छात्राओं द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन हेतु शपथ लिया गया, जबकि इस विषय पर विद्यालयों में
विशेष सत्र भी आयोजित किये गये। इस शपथ कार्यक्रम में कृषि विभाग के प्रमण्डल स्तर से लेकर पंचायत
स्तर तक के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में अवस्थित विद्यालयों में शपथ लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए कृषि विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को पत्र के माध्यम से अनुरोध
किया गया था तथा उन्हें इनसे संबंधित सामग्रियाँ भी उपलब्ध कराई गई थी। इन कार्यक्रमों से समाज के लोगों को
फसल अवशेष प्रबंधन हेतु जागरूक करने में मदद मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन/पुआल जलाने से रोकने के कार्य
को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा इसके लिए व्यापक पैमाने पर विभिन्न माध्यमों से
प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, फसल अव्षेध प्रबंधन से समंबंधित कृषि यंत्रा पर 75
से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। विभाग द्वारा फसल जलाने वाले किसानों को चिह्नित करके दण्डित
करने की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाबजूद नालंदा, पटना, रोहतास एवं कैमूर
जिला के कुछ क्षेत्रों में अब तक किसानों द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन/पुआल जालाने की घटना की सूचना प्राप्त हुई
है। विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के सम्बन्ध में जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक दिन
पुआल जलाने की घटना से सम्बंधित प्रतिवेदन दिया जाये।

उन्होंने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा फसल अवशेष को आर्थिक रूप से उपयोग में लाने से
सम्बंधित योजना तैयार की जायेगी। फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर अक्टूबर माह में ज्ञान भवन, पटना में आयोजित
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विभाग द्वारा यह जिम्मेवारी बिहार कृषि विश्वविद्यालय को दी गई थी। इस योजना के तैयार
होने से कृषि विभाग इस पर अमल कर देगी , जिससे राज्य के किसानों को फसल अवशेष से आमदनी बढ़ेगी, उन्हें
इसको जालाने की नौबत नहीं आयेगी।