सड़क की मांग को लेकर चैनपुर के लोगों ने किया वोट बहिष्कार का ऐलान

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दिलीप कुमार

कैमूर – कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के चैनपुर बाजार से नई बस्ती तक अब तक सड़क निर्माण नहीं होने के कारण मुहल्ले के लोगों में काफी आक्रोश है। वर्षों से परेशानी झेल रहे लोगों ने बैठक कर वोट के बहिष्कार का निर्णय लिया। यहां अबतक सड़क नहीं पहुंची है। सभी पार्टीयां जहां विकास के लंबे-लंबे दावे कर रही है लेकिन इस बस्ती तक विकास की सड़क अबतक नहीं पहुंची है। इस परेशानी की वजह से ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार करने का फैसला किया है।

लोगों ने बताया कि बच्चों के स्कूल जाने में काफी परेशानी होती है और हमलोगों को हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं स्कूल जाने के दौरान बच्चों को कहीं कुछ हो ना जाये, क्योंकि उन्हें पानी के बीच से होकर जाना पड़ता है। यदि किसी का तबियत खराब हो जाये उसे चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। पुरुष तो अपने कपड़े ऊपर करके किसी तहर चले जाते हैं लेकिन एक महिला कैसे जाएगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जिससे विवश हो ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है।

वोट बहिष्कार करने का निर्णय ले चुके ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग काफी समय से कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है जिससे लोकतंत्र पर से उनका विश्वास उठ सा गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि जन समस्यायों को सुनने और उसका समाधान करने के लिए चुना जाता है लेकिन अब जनप्रतिनिधि समस्याओं का हल निकालने के बजाए समस्याएं पैदा करने में लगे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वे पंचायत के मुखिया से कई बार मनरेगा से सड़क बनवाने का गुहार लगा चुके हैं लेकिन मुखिया के कानों पर जूं तक नहीं रेंगता जबकि मुखिया का घर बगल में ही है। पंचायत चुनाव में मतदान का दंस अभी तक झेल रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई न होते देख हमने वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्रामीणों ने मुहल्ले में पोस्टर भी लगा दिया है जिसपर बड़े अक्षरों में रोड नहीं तो वोट नहीं छपा हुआ है।

जिलाधिकारी ने बताया कि लोग वोट का प्रयोग करें अच्छे सरकार चुने जिससे समस्याओं को दूर कर सकें हमारे पास जितने संसाधन है। उसी में काम करना होता है अगर किसी को कोई परेशानी है तो संबंधित अधिकारी से मिले या मुझसे खुद मिले लेकिन वोट बहिष्कार नहीं करें उनका अधिकार है या पर वोट डालें।