सड़क निर्माण कार्य में करोडों का घोटाला सामने आया

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आदित्यानंद आर्य की रिपोर्ट

सीतामढ़ी- सृजन घोटाले समेत अन्य घोटालो की मार से कराह रहे बिहार में सड़क निर्माण मामले में करोड़ो के फर्जीवाड़े किये जाने का मामला सामने आया है। वहीं इस मामले में सड़क निर्माण कंपनी समेत स्थानीय विभाग भी जाँच के घेरे में आ गये हैं। मामला बिहार के शिवहर से सीतामढ़ी एन.एच 104 सड़क निर्माण कार्य में करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े और सड़क निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण न किये जाने का सनसनी खेज मामला सामने आया है। इस पूरे मामले में देश की जानी मानी कंपनियों में मशहूर सुनील हाईटैक-आर०सी०एम० पर 17 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा स्थानीय विभाग को मिला कर किये जाने का आरोप लगा है।

इस पूरे मामले को लेकर आर.के. बिल्डर्स एंडकोलोनाइजर्स के एमडी राजेश कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी राजीव रौशन को लिखित आवेदन भेजकर  शिकायत की है। डीएम समेत संबंधित विभाग को लिखे पत्र में आर.के. बिल्डर्स के एमडी गुप्ता ने सड़क निर्माण कार्य में आर.सी.एम.कंपनी के द्वारा किये गए कई अनियमितता और विभागीय निर्देश का उल्लंघन किए जाने को भी उजागर किया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि शिवहर से सीतामढ़ी एन एच 104 के शिवहर जीरो माइल से सीतामढ़ी तक 28.5 किलोमीटर के सड़क निर्माण कार्य का कॉन्ट्रैक्ट सुनील हाईटैक-आर०सी०एम० (जेवी) को दिया गया।
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जिसमें अब तक सब ग्रेड लेवल के मिट्टी भराई का कार्य और इसके ऊपर से जी०एस०बी० का कार्य फाइनल किया गया है। परंतु कंपनी ने विभागीय निर्देश का अनुपालन करते हुए एनएचआई से बिना एप्रूव्ड ड्राइंग और डिजाईन प्राप्त किये। सिर्फ अपने कंपनी के पीएम के द्वारा दिये गए एफ०आर०एल० के हिसाब से कार्य किया। जिस कारण विगत 17 जनवरी को कॅन्सलटेंट के द्वारा चैनेज 40.000 से चैनेज 55.400 तक की सबग्रेड लेवल की मिट्टी कार्य मे रोड की ऊँचाई को कम बताया है। वही आरसीएम द्वारा बिना डब्लू०एम०एम० प्लांट के बिना सुरु हुए विगत 5 मार्च से बाहर से मैनुअली मिक्स कर सड़क पर डब्लू०एम०एम० डालने का कार्य भी चालू कर दिया गया। जबकि एनएचआई के नियमानुसार डब्लू०एम०एम० प्लांट के बगैर कार्य नहीं किया जाना है। जिसको लेकर विभाग द्वारा कई बार आर०सी०एम० को कार्य रोकते हुए भुगतान न किये जाने की चेतावनी भी दी गई है। 

इधर आर०सी०एम० को विभाग के नियमानुसार दिए गए तीसरे माइल्सस्टोन की सीमा भी बीते 15 सितंबर को समाप्त हो चुकी है। जिस बीच कंपनी को 92 करोड़ 77 लाख रुपए का कार्य पूरा कर लेना था। बावजूद इसके कंपनी ने अब तक सिर्फ 15 करोड़ तक का ही निर्माण कार्य पूरा किया है। जिस कारण आरसीएम कंपनी पर प्रति दिन के 7 लाख 73 हजार 1 सौ के जुर्माने के हिसाब से 13 करोड़ से ऊपर की राशि विभाग को भरनी है। लेकिन कंपनी द्वारा स्थानीय विभाग के कुछ लोगो को मिला अपनी मनमानी चलते हुए न तो जुर्माने की राशि जमा की गई है और न ही ससमय कार्य को विभागीय निर्देश का पालन करते हुए किया गया है।

उन्होंने बताया कि आरसीएम ने विभागीय निर्देश का उल्लंघन और सब कॉन्ट्रेक्टर आरके बिल्डर्स से छुपाते हुए लॉट एक का सम्पूर्ण कार्य बैंक टू बैंक दिया गया था। जिसके बाड़े में पता चलने पर विगत 9 सितंबर को मुम्बई में सुनील हाईटेक के कार्यालय में आयोजित एक मीटिंग के दौरान आरके बिल्डर्स को एन एच आई के अनुसार पूरा काम बैंक टू बैंक न किये जाने का हवाला देते हुए गुप्ता को आगामी 7 नवंबर तक 10.5 किमी तक के सबग्रेड के कार्य को पूरा करने की बात करते हुए अग्रीमेंट के हिसाब से पेमेंट लेने की बात कही गई। वही कैम्प निर्माण कार्य के 40 लाख रुपये समेत अन्य खर्चो को बाद में मिल बैठ कर किये जाने की बात कही गई थी। 

वही आरसीएम द्वारा अब तक आरके बिल्डर्स के 9 करोड़ रुपये के कार्य का भी भुगतान नहीं किया गया है। जिसको लेकर शिवहर थाना में विगत 20 जनवरी को आरसीएम कंपनी के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। आपको बता दे की इस मामले को लेकर शिवहर सांसद रमा देवी और बेलसंड विधायक सुनीता सिंह चौहान के प्रतिनिधि राणा रंधीर सिंह चौहान द्वारा कई बार लिखित रूप से इसकी शिकायत की जा चुकी है। वहीं सीतामढ़ी सांसद रामकुमार शर्मा ने भी इस संदर्भ में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके है। वही इन सब अनियमितता के बावजूद विभागीय साठ गांठ से कंपनी विभाग से पेमेंट उठा रहा है।