हड़ियाही नहर परियोजना पर लगा ग्रहण समाप्त होने के असार दिख रहे हैं

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औरंगाबाद- हड़ियाही नहर परियोजना पर लगा ग्रहण समाप्त होने के आसार दिख रहे हैं. इस आशय की जानकारी गोकुल सेना के अध्यक्ष संजीव नारायण सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए दी है. सिंह ने बताया कि इस परियोजना को लेकर अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने पिछले 42 वर्षों से कोई काम नहीं किया है,लेकिन जब गोकुल सेना ने इस मामले को उठाया तो श्रेय लेने की होड़ लग गयी. इस परियोजना के निर्माण के लिए सेना के एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा वर्ष 2014 में जीतन राम मांझी से मुलाकात की गयी थी और मांझी द्वारा उस वक्त कैबिनेट से 86 करोड़ रुपया पास किया गया था, जिसे वर्ष 2015 में बिहार सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये झारखंड सरकार को किसानों को मुआवजा देने के लिए दिये गये थे. परंतु राशि ग्रहण करने के बाद भी झारखंड सरकार इस दिशा में निष्क्रिय रही और इसके निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ सका.

सेना के अध्यक्ष सिंह ने बताया कि वर्ष 1975 में इस परियोजना की कुल लागत राशि 4.77 करोड़ थी जो आज बढ़कर 203.14 (2015 तक का आंकड़ा) करोड़ हो गयी है. कार्य में प्रगति न होने के कारण सेना के द्वारा हाईकोर्ट में 20 फरवरी, 2017 को एक जनहित याचिका दायर की गयी थी और कोर्ट ने भी इसके लिए सुनवाई की. कोर्ट द्वारा 17 अप्रैल 2017 को पहली सुनवाई की और चिंता जाहिर करते हुए भारत सरकार से इस मामले में शपथ पत्र देने को कहा था. परंतु भारत सरकार की ओर कोर्ट के नोटिस के बाद पहुंचे सालिसिटर जनरल एसडी संजय तथा एडवोकेट जनरल अंजनी सिंह ने वर्ष 2013 की एक बैठक का हवाला देते हुए बताया कि इस परियोजना के निर्माण में केंद्र सरकार की कही कोई भूमिका नहीं है और सारी जवाबदेही राज्य सरकार की है.

इसे बाद में कोर्ट द्वारा तीन अलग-अलग तिथि निर्धारित कर पूरे मामले का विस्तार पूर्वक रिपोर्ट प्राप्त की गयी और अंत में 9 अक्टूबर को की गयी सुनवाई के दौरान चार सप्ताह के अंदर बिहार सरकार के अधिकारियों को जवाब-तलब किया है. उन्होंने कहा कि पूर्व के सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने कोर्ट में यह हलफनामा दिया था कि परियोजना के निर्माण का कार्य, भूमि अधिग्रहण नहीं होने के कारण लंबित पड़ा हुआ है और इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है. अब उम्मीद है कि जल्द ही कोर्ट के दिशा-निर्देश में यह परियोजना बनकर तैयार हो जायेगी और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इस मौके पर सेना के संरक्षक संजय सज्जन सिंह एवं अभिषेक कुमार सिंह, दिनेश सिंह, निर्भय सिंह, अनंत कुमार, धर्मेंद्र कुमार, कुंदन कुमार आदि उपस्थित थे.