हत्या के बाद बवाल,महिला को संदेह के आरोप में निर्वस्त्र कर घुमाया!

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भोजपुर – सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली खबर प्रकाश में आयी है. घटना जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के बिहिया स्टेशन की है, जहाँ रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव बरामद हुआ. मौके पर पुलिस के काफी देर से आने के कारण नाराज ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर कई दुकानों और वाहनों में आग लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. साथ ही साथ ग्रामीणों में आक्रोश कुछ इस तरह बढ़ गया कि हत्याकांड में एक महिला की संलिप्तता की शंका को लेकर आक्रोशित लोगों ने सरेआम बीच बाजार में महिला को वस्त्रहीन कर पीटने लगे. बाद में पुलिस के काफी मशक्कत के बाद उसे भीड़ से बचा इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया. वहीं घटना से आक्रोशित लोगों को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस द्वारा हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि युवक की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक के पास जानबूझकर फेंका गया है. वहीं मृतक विमलेश साव के परिजनों का कहना है कि विमलेश परीक्षा देने आया था उसे दो लोगों ने जान से मार कर रेलवे ट्रैक के पास फेंक कर भाग गए. घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी मौके पर दलबल के साथ पहुंच मामले की तफ्तीश में जुटे.

इस मामले में आरा जीआरपी प्रभारी अशोक सिंह, बिहिया रेलवे स्टेशन पर पोस्टेड सब इंस्पेक्टर तपेश्वर सिंह और एक हवलदार को सस्पेंड कर दिया गया. साथ ही बिहिया थानाध्यक्ष कुंवर गुप्ता के साथ-साथ पांच अन्य पुलिस पदाधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है. महिला के बयान के बाद एफआईआर दर्ज की जा चूकी है. पुलिस के मुताबिक इस मामले में संलिप्त कुछ लोगों की पहचान की जा चूकी है और उनके गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

वहीं भोजपुर डीएम संजीव कुमार ने बताया कि यह मामला मौत का नहीं बल्कि हत्या का है. हत्या का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद किया गया. डीएम ने बताया कि मृतक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल रहा कि मृतक के गले को दबाकर जान ली गई है. इस मामले में अबतक कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी हो गई है. उन्होंने बताया कि घटना में लगभग 50 से 60 लोग सम्मिलित हैं सबकी गिरफ़्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

घटना ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. विपक्ष ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा है कि इंसानियत को तार-तार करने वाली इस घिनौनी घटना को देख व सुन रूह कांप गई. नैतिक बाबू, अगर मानवता, शर्म और संवेदना बची है तो अंतरात्मा जगा जल्दी से राजभवन पहुँचिये.

इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या राज्य में पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है? बिहार में महिलाओं को सुरक्षा कब मिलेगी? अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि उनमें न तो कानून का और न ही समाज का भय है?