हमारी स्पर्द्धा खुद अपनी ही सरकारों से -सुशील मोदी

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पटना- हमारी स्पर्द्धा खुद अपनी ही सरकारों से है।वर्तमान सरकार की प्रतिस्पर्द्धा अपनी ही विगत सरकारों एनडीए-1,एनडीए-2 से है। ये बात बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने संजय सिन्हा लिखित पुस्तक “नीतीश इंजीनियरिंग: रिकन्सट्रक्टिंग बिहार” के पैनल परिचर्चा के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए आद्री परिसर में कहा।उन्होंने कहा कि सामाजिक ,आर्थिक सूचकांक में सुधार आया है और आगे इसमे क्या सुधार हो सकता है इसमें सरकार लगी है।इसी क्रम में मोदी जी ने कहा कि 2005 के बाद से बिहार में सड़कों की जल बिछ गई। बिजली के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है।

लेखक एवं पत्रकार संजय कुमार सिन्हा के कहा कि यह पुस्तक 2005 के बाद सुशासन में आए बदलाव के बारे में कहती है। इस पुस्तक को लिखने के क्रम में मैन सतत क्षेत्र भ्रमण किया है। यह पुस्तक फील्ड रिसर्च पर आधारित है। इस पुस्तक का आमुख दलाईलामा के द्वारा लिखा गया है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार की उन्नति कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा देने से होगी।एम एस स्वामीनाथन को उद्धरित हुए उन्होंने कहा कि दूसरी हरित क्रांति का केंद्र बिहार होना चाहिए।

अतिथियों का स्वागत एवं लेखक का परिचय देते हुए आद्री के सदस्य सचिव डॉ शैबाल गुप्ता ने कहा कि बिहार में ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत नाटकीय परिवर्तन हुआ है।दिल्ली से आए एक ग्रुप ने इसे बहुत प्रमाणिक बताया।इस अवसर पर एसडी नारायण ,पूर्व सम्पादक,पीटीआई, सत्यजीत सिंह ,डॉ सुनीता लाल ,प्रोफेसर नन्दिनी मेहता , डॉ उषा गुप्ता, अभिषेक एवं सुरभि शिखा उपस्थित थे।आद्री के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पी घोष ने धन्यवाद किया।