हम के वरिष्ठ नेता डॉ० महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने राज्यपाल से की मुलाक़ात

125
0
SHARE

पटना – बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं हम(से०) के वरिष्ठ नेता डॉ० महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वह बिहार के महामहिम राज्यपाल से आज ही मिलकर स्नातक प्रथम वर्ष एवं बीएड में नामांकन में छात्रों को हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया| उन्होंने कहा है कि परीक्षा समिति को महाविद्यालयों में नामांकन की जवाबदेही देने से विश्वविद्यालयों के स्वायता खतरे में है एवं विवि के अधिकारों का हनन हो रहा है| बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का मूल काम मैट्रिक और इंटर की परीक्षा लेने एवं परीक्षाफल प्रकाशित करना है जो काफी त्रुटिपूर्ण रहता है और हर साल राज्य के छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है| स्नातक प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए परीक्षा समिति द्वारा जो मेघासूची महाविद्यालयों को भेजी गई वो काफी त्रुटिपूर्ण थी|

उन्होंने कहा कि हर वर्ष महाविद्यालयों में जुलाई से पढाई सत्र शुरू हो जाता था लेकिन परीक्षा समिति के हस्तक्षेप के कारण इस वर्ष सितम्बर माह के अंत तक भी नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी जिससे स्नातक प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए छात्रों के बीच अफरा-तफरी मची हुई है| अभी तक डिग्री महाविद्यालयों में मात्र 20 – 25 % सीटों पर ही नामांकन हो सका है| इसी प्रकार बीएड में नामांकन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन लिया गया था एवं महाविद्यालयों को मेघा सूची के आधार पर छात्रों का नाम भेजा गया, जिसमे छात्रों को राज्य के एक कोने से राज्य दुसरे कोने के महाविद्यालयों में भेज दिया गया है| जैसे मुजफ्फरपुर के सरकारी बीएड कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों में सासाराम, रोहतास, बक्सर और सुपौल के छात्रों का नाम भेजा गया है| दुसरे शहर में रह कर पढाई करने में बहुत से निर्धन छात्र असक्षम है जिसके कारण अभी तक लगभग सभी बीएड महाविद्यालयों में आधे से ज्यादा सीटे खाली पड़ी हैं| वर्ष 2013 में उच्चतम न्यायालय ने एक फौसले कहा था कि देश के सभी राज्यों के सभी विश्वविद्यालय में पढाई सत्र 2 जुलाई से सुरु हो जानी चाहिए एवं नामांकन की प्रक्रिया हर वर्ष फरवरी माह से शुरू करनी है लेकिन सितम्बर में नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है|

डॉ० सिंह ने आगे कहा है कि बिहार सरकार की नज़र अब प्राइवेट स्कूलों पर भी है जबकी सरकारी स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती है प्राइवेट स्कूल ही है जो राज्य में मात्र गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दे रहें है अगर बिहार सरकार इसमे हस्तक्षेप करेंगी तो इसकी भी गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा| आज राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था चौराहे पर खड़ी है और दिशा विहिन हो गयी है| डॉ० सिंह ने महामहिम से आग्रह किया है कि राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था को ठीक करने हेतु तुरंत हस्तक्षेप करने की कृपा करें जिससे शिक्षण व्यवस्था राज्य में और अधिक बर्बाद नहीं हों| मौके पर पार्टी के प्रवक्ता रामविलास प्रसाद, अजय कुमार, युवा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्रवंशी, श्याम सुन्दर शरण आदि उपस्थित थे|