हम नहीं सुधरेंगे!

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दिलीप कुमार

कैमूर – जिला का मोहनिया समेकित चेकपोस्ट अवैध उगाही का कामधेनु बना हुआ है। जब चाहे अधिकारी अपने पॉकेट गर्म करने में जुटे रहते हैं। बीती रात से दोपहर तक जिला परिवहन पदाधिकारी, आरटीओ और एमभीआई ने संयुक्त रुप से बालू लदे ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ अभियान लगाया था। जिसमें 300 से ज्यादा ट्रक को चेकपोस्ट और सड़क के किनारे जहां-तहां खड़े हो गए थे। लेकिन जिला परिवहन पदाधिकारी जैसे ही सड़क से हटे माइनिंग विभाग के कुछ अधिकारियों के रहने के बाद भी आज 2:00 बजे दोपहर से 5:00 बजे के बीच में 165 गाड़ियां टोल प्लाजा पार करते हुए उत्तर प्रदेश चली गई। गाड़ियों के पार करने का आंकड़ा हम नहीं बल्कि टोल प्लाजा खुद बयान कर रहा है।

दोपहर के 2:00 बजे से 5:00 बजे के बीच माइनिंग विभाग के दो अफसर ड्यूटी में लगे हैं लेकिन उनके सामने से बालू लदे गाड़ियां धड़ल्ले से पार हो रही है। लेकिन अधिकारी के कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा। जिन अधिकारियों के कंधे पर सरकार के राजस्व बढ़ाने की ड्यूटी रहती है उन्हीं अधिकारियों के सामने से 165 गाड़ियां धड़ल्ले से 3 घंटे में मोहनिया टोल प्लाजा पार करते हुए उत्तर प्रदेश चली जाती हैं। और अधिकारियों को थोड़ा सा भी फिक्र नहीं दिखाई देता।

टोल प्लाजा का आंकड़ा बताता है दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक 3 घंटे में कुल बालू लदे 165 गाड़ियां टोल प्लाजा पार कर गई है, लेकिन टोल प्लाजा से पहले गाड़ियों को पकड़ने में तैनात अधिकारी सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जुटे हुए हैं। जिससे सरकार का राजस्व पूरी तरह से घट गया है। इन अधिकारियों के पहले बालू लदे गाड़ियों से जहां राजस्व में सरकार को करोड़ों रुपए मिलते थे वहां यह आंकड़ा अब सिर्फ लाखों में रह गया है।

वहीं खनन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी का कहना है कि अभी तक सिर्फ 25 गाड़ियों पर ही फाइन लगाया गया है, और उन्हीं गाड़ियों को छोडा गया है।

सबसे बड़ा सवाल भ्रष्ट सिस्टम के ऊपर है। जहां 300 से अधिक गाड़ियों की घेराबंदी की जाती है चेकपोस्ट पर, वहां 165 गाड़ियां 3 घंटे में ही पार कर जाती हैं, जिसमें सिर्फ 25 गाड़ियों से ही फाइन लिया जाता है तो क्या ऐसे सरकार कर राजस्व में इजाफा होगा या फिर इन भ्रष्ट अधिकारियों के ऊपर सरकार नकेल कसेगी। कई बार खनन विभाग के भ्रष्ट इंफोर्समेंट अधिकारियों के मिलीभगत से गाड़ियों को पैसे लेकर अवैध तरीके से छोड़ने का मामला काफी चर्चा में था। लेकिन उन अधिकारियों पर कार्रवाई समय रहते नहीं होने पर वैसे भ्रष्ट अधिकारियों का मनोबल लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

खनन विभाग के अधिकारी द्वारा गाड़ी छोड़ने से लेकर पैसे लेकर खड़े होकर खुद बालू की ओवर लोडेड ट्रकों को निकलवाने का मामला ये कोई नई बात नही है, पहले भी कई बार खनन विभाग पर वसूली का आरोप भी लगा और मामले को सही भी पाया गया लेकिन बुधवार को ये कार्य एक बार फिर ड्यूटी में तैनात खनन विभाग की स्पेशल टीम के दो अधिकारी रामता प्रसाद और अली हुसैन दोनो अधिकारी चेकपोस्ट पर अपनी बोलेरो गाड़ी UP61F8231 खड़ी कर ट्रक मालिकों की भीड़ में खड़े रहे और बालू की ओवर लोडेड ट्रकें निकलती रही,इन दोनों पदाधिकारियों की ड्यूटी दोपहर के दो बजे से रात के दस बजे तक है लेकिन 2:00pm से लेकर 5:00pm तक बालू की गाड़ियां इनके सामने से निकल गयी ये जनाब ना तो गाड़ियों से उतरने का नाम ले रहे थे और ना ही गाड़ियों को जांच करने का जहमत उठा रहे थे।

इन समयों के बीच जब टोल प्लाजा से जानकारी ली गयी तो प्लाज़ा के अधिकारियों का कहना था कि 3 घंटे के अंदर 165 बालू की ओवर लोडेड ट्रकें गुजरी हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर ड्यूटी में तैनात खनन विभाग के अधिकारी अली हुसैन का कहना था कि हम खड़े थे लेकिन हमारे सामने से जो भी गाड़ियां निकली हैं सभी गाड़ियां अंडर लोड(छमता से कम)थी इसलिए हमने इन गाड़ियों को नही पकड़ा।

वहीं इस मामले में जब ट्रक मालिकों और चालकों से बात हुई तो उनका कहना था कि खनन विभाग के अधिकारी बोलेरो लगा कर खड़े थे चेकपोस्ट पर एक गाड़ी के दो तीन हजार रुपये मांग रहे थे लेकिन दो हजार रुपये देकर हम वहां से निकले हैं। टोल टैक्स के आंकड़ों के अनुसार और चालकों, मालिकों के कहने के मुताबिक 2 बजे से 5 बजे के बीच पार हुई सभी गाड़िया बालू की ओवर लोडेड थीं लेकिन खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा इन गाड़ियों को अंडर लोड बताया गया।