हरियाणा में केंद्र सरकार पर गरजे नीतीश कुमार

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की 103वीं जयंती पर हरियाणा के करनाल में इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बदलाव अच्छी बात है लेकिन कृषि के क्षेत्र में बदलाव को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बीजेपी पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए बीजों के जीन में बदलाव के प्रयासों को खतरनाक बताया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देवीलाल के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि उनका बिहार और यहां के जननायक कर्पूरी ठाकुर से लगाव जगजाहिर है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के निधन से बिहार में पार्टी को ऐसा अहसास हुआ कि हम सब अनाथ हो गए। तब देवीलाल जी ने ही संभाला।

उन्होंने प्रधानमंत्री पर किसानों से छल का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम ने चुनावी सभाओं में स्वामीनाथन कमेटी की अनुशंसा लागू करने का वादा किया था। लेकिन पहले जितना एमएसपी भी नहीं बढ़ाया गया। किसान परेशान हैं। संकट में आत्महत्या कर रहे हैं। नीतीश ने कहा कि बीजों के जैनेटिक मॉडिफिकेशन की बात बनावटी है, कुदरत से छेड़छाड़ है। इसे आंख मूंद कर स्वीकार करने की जरूरत नहीं। यह किसान का फायदा नहीं करेगा।

हरियाणा में हाल की घटनाओँ का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर बीत गया जब हरियाणा में सदभाव, सौहार्द रहा है। ताऊ जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब सांप्रदायिक ताकतों का डटकर मुकाबला करें। यह संकल्प लें कि आपस में सामाजिक भाईचारा खत्म नहीं करेंगे।

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि हरियाणा-पंजाब से देश में हरित क्रांति आई। इनेलो के नेता अभय सिंह को नसीहत देते हुए नीतीश ने कहा कि शराबबंदी के मुद्दे पर आप भी विचार करिए, लोगों में माहौल बनाइए, इसका लाभ होगा। जात पात तोड़ना जरूरी है तो शराबबंदी के मुद्दे पर जुड़े रहना भी।

नीतीश ने शराबबंदी पर हरियाणा से समर्थन मांगते कहा कि हरियाणा में शराबबंदी लागू करके फिर बहाल की गई। यहां पूर्ण शराबबंदी की आवाज बुलंद किए जाने की जरूरत है।