हर घर में शौचालय एक राष्ट्रीय अभियान है :- मुख्यमंत्री

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पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड के गौछारी कटहा गांव का भ्रमण किया। गांव के वार्ड नंबर- 5 में भ्रमण के दौरान सात निश्चय योजनान्तर्गत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति को देखा। सात निश्चय के अंतर्गत गांव में पक्की गली-नाली, हर घर शौचालय, हर घर नल का जल, बिजली का कनेक्शन के बारे में गांव वालों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गौछारी प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति का भी निरीक्षण किया। वर्मी कंपोस्ट इकाई एवं पान की खेती को भी देखा। गांव भ्रमण के पश्चात मुख्यमंत्री ने एक आयोजित कार्यक्रम में 236 करोड़ रुपए की 294 योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस भीषण ठंड में इतनी बड़ी संख्या में आपलोग उपस्थित हुये, इसके लिए मैं आप सबका अभिनंदन करता हूं और हृदय से धन्यवाद देता हूं। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए यह संतोष का विषय है कि 2009 में विकास यात्रा के सिलसिले में मैं इस स्थान पर उपस्थित हुआ था, यहीं पर ठहरा था और अगले दिन जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के आयोजन में बहुत सारे लोग उपस्थित हुए थे। इस बार मैंने तय किया कि इस समीक्षा यात्रा के क्रम में मैं गांव में जरूर जाऊंगा, जहां विकास यात्रा के सिलसिले में पहले ठहरा था। हर जिले के एक गांव में समीक्षा यात्रा में घूम-घूमकर यह देखता हूं कि योजनाओं की क्या प्रगति हुई है, उनकी क्या स्थिति है और कितनी क्रियान्वित हो रही है। 9 जनवरी को मुंगेर में सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें विस्तृत रुप से बिंदुवार प्रत्येक कार्यों की समीक्षा की जाएगी और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कहने में यकीन नहीं रखते हैं। इन चीजों को लागू कैसे करना है, यह भी देखते हैं। विकास के काम हो रहे हैं, सड़क, पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है। तीसरे कृषि रोड मैप पर काम हो रहा है। सात निश्चय के अंतर्गत हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण, हर घर नल का जल, हर घर में शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। हर घर में शौचालय एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें बिहार सरकार लोहिया स्वच्छ बिहार योजना के तहत अपनी तरफ से योगदान दे रहा है। 4 वर्ष के अंदर सात निश्चय की इन योजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा। हर गांव तक दिसंबर 2017 तक बिजली का कनेक्शन पहुंच गया है, जो टोले बचे रह गए हैं, अप्रैल 2018 तक वहां बिजली का कनेक्शन पहुंच जाएगा। दिसंबर 2018 तक हर इच्छुक व्यक्ति जो बिजली का कनेक्शन लेना चाहते हैं, उनको बिजली का कनेक्शन उपलब्ध हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे मालूम हुआ है कि यहां 33 के0वी0 का एक फीडर है, जिससे बिजली की आपूर्ति होती है। इसके कारण 12-13 घंटे ही बिजली मिल पाती है, अभी आपलोगों की माॅग पर मैंने एक 33 के0वी0 का अतिरिक्त फीडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ताकि 16 से 18 घंटे बिजली आपलोगों को मिल सके। इस जिले में 6 जगह पावर सब स्टेशन बनने हंै। 5 जगह पर काम शुरू हो गया है, जमीन की दिक्कत के चलते एक जगह पर काम अभी नहीं शुरू हुआ है लेकिन उसका समाधान भी जल्द हो जाएगा। जब पावर सब स्टेशन चालू हो जाएगा तो आपलोगों को निर्बाध रुप से बिजली उपलब्ध हो जाएगी।

दरअसल बिजली के लिए तीन चरण होते हैं। एक बिजली का उत्पादन जिसके लिए बहुत काम किया गया है। साथ ही एन0टी0पी0सी0 से बिहार का कोटा मिल रहा है। हमलोग निजी कंपनी से भी खुले बाजार से बिजली खरीद रहे हैं। दूसरा बिजली का संचरण इसमें भी दिक्कत थी लेकिन आज जितनी जरूरत होती है, हम उतना संचरण कर सकते हैं। तीसरा बिजली की आपूर्ति, उसके लिए सब स्टेशन का निर्माण कर रहे हैं। पहले 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती थी, आज 4600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। लोगों को बिजली की उपलब्धता अनवरत होती रहे, इसके लिए बहुत सारे काम किये जा रहे हैं। हर घर तक बिजली पहुंचाना, सात निश्चय के अंतर्गत हमारा यह भी एक निष्चय है। पक्की गली-नाली के निर्माण में बीच में कुछ बाधा आई। मुखिया जी को भ्रमित किया गया। जरा सोचिए मुखिया जी अगर हर घर नल का जल पहुंच जाए, पक्की गली नाली का निर्माण हो जाए, शौचालय बन जाए तो आपका और वार्ड प्रतिनिधियों का कितना जयकार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग गांधी, लोहिया एवं जयप्रकाश के अनुयायी हैं। उनका मानना था कि विकेंद्रीकृत तरीके से ही सही विकास हो सकता है और हमलोगों ने भी इस पर मंथन किया और विकेंद्रीकृत तरीके से ही योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं। वार्ड वाइज करने से काम तेजी से होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए हमलोगों ने काफी काम किया है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय संस्थाओं में 50 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया। लड़कियों की शिक्षा के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना लागू की गई। आठ लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा चुका है, जिसमें जीविका की दीदी अपनी भूमिका निभा रही हैं। इसे दस लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। जीविका के गठन से महिलाओं में आत्मनिर्भरता आई है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सही मायने में विकास इसी को कहते हैं, इसी को न्याय के साथ विकास कहते हैं।

महिलाओं को पुलिस में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है और सात निश्चय के तहत राज्य के सभी सेवाओं में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत का आरक्षण भी लागू कर दिया गया है। 12वीं कक्षा के बाद जो लड़के एवं लड़कियों गरीबी के कारण उच्च शिक्षा नहीं ग्रहण कर पाते थे, उनके लिए हमलोगों ने चार लाख रूपये तक का स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड लागू किया है। इसमें बैंक का सहयोग उतना नहीं मिल पाया है इसलिये अगले वित्तीय वर्ष से राज्य का अपना वित्त निगम इस कार्य को करेगा। अभी बिहार में उच्च शिक्षा 13.9 प्रतिशत है, जिसे 30 प्रतिषत तक ले जाना है। रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के लिए स्वयं सहायता भत्ता के रूप में प्रति महीने एक हजार रूपये के हिसाब से 2 साल तक दिये जायेंगे। प्रत्येक प्रखंड में कौशल विकास केंद्र खोला गया है। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 240 घंटे का व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें कंप्यूटर का ज्ञान, भाषा का ज्ञान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए बाहर जाना न पड़े, इसके लिए प्रत्येक जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, महिला आई0टी0आई0, जी0एन0एम0 संस्थान खोले जायेंगे। प्रत्येक सब डिवीजन में ए0एन0एम0 एवं आई0टी0आई0 खोले जायेंगे। 5 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिसमें नर्सिंग कॉलेज भी रहेगा। भारत एवं भारत के बाहर नर्सिंग कर्मियों की भारी कमी है। प्रशिक्षित होकर हमारी महिलाएं रोजगार की समस्या से समाधान पा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 236 करोड़ रुपए की 294 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास हुआ है, मुझे खुशी हो रही है, इसमें वह सब भी योजनाएं हैं, जिसकी चर्चा 2009 में विकास यात्रा के क्रम में हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का उतना लाभ लोगों को नहीं मिल पाता है, जब तक कि समाज सुधार न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप महिलाओं की मांग पर ही 1 अप्रैल 2016 से राज्य में शराबबंदी लागू की गई। शराब के कारण कितनी अशांति थी, झगड़े होते थे। अब शराबबंदी के बाद समाज में शांति एवं प्रेम का वातावरण है। अब बचे हुए पैसे का उपयोग परिवार के भरण पोषण, पढ़ाई-लिखाई पर खर्च किया जा रहा है। अभी भी दो नंबरी लोग हैं, जो शराब का अवैध धंधा कर रहे हैं और लोगों को पिला भी रहे हैं। आपलोग लोगों को समझाइए कि इनके चक्कर में न पड़ें। हाल ही में रोहतास एवं वैशाली में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। आप जागरुक रहिए और लोगों को भी सचेत रखिए। अब तंत्र को और कड़ा किया जा रहा है। पुलिस महानिरीक्षक मद्य निषेध का गठन किया गया है। बिजली के ट्रांसफार्मर के खंभे पर फोन नंबर दिया जा रहा है। आप अपने नंबर से इन धंधेबाजों की जानकारी दीजिए, आपका नाम उजागर नहीं होगा और एक घंटे के अंदर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवाद के कार्यक्रम में एक महिला ने मुझसे कहा कि शराबबंदी कर आपने तो बहुत अच्छा किया, अब दहेज प्रथा को भी बंद करवाइए। हमलोगों ने इस पर विचार-विमर्श किया और दहेज प्रथा एवं बाल विवाह को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया। 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की एवं 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी गैर कानूनी है। बाल विवाह से कितना नुकसान है, आप सबको पता है। कम उम्र में गर्भधारण के कारण महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं और जो बच्चे पैदा होते हैं, वे मंदबुद्धि एवं बौनेपन के शिकार होते हैं।

भारत सरकार के अपराध के आंकड़े में बिहार की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है लेकिन दहेज के कारण हत्या एवं उत्पीड़न की काफी संख्या है। दहेज प्रथा बुरी चीज है, इससे छुटकारा पाना होगा। यह कहने से काम नहीं चलेगा, इसका एक उपाय है कि आपका कोई कितना भी नजदीकी क्यों न हो, अगर वह दहेज वाली शादी है तो उसमें आप शामिल न हों। आपलोग जिस दिन यह मन बना लीजिएगा, उस दिन से दहेज प्रथा का खात्मा हो जाएगा। पिछले वर्ष 21 जनवरी को शराबबंदी एवं नशामुक्ति के पक्ष में मानव श्रृंखला बनी थी, आज से 16 दिन बाद 21 जनवरी 2018 को रविवार के दिन दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ मानव श्रृंखला बनेगी। आपलोग संकल्प लीजिए कि एक दूसरे का हाथ पकड़ कर अपनी भावना का प्रकटीकरण करेंगे। मानव श्रृंखला में जरूर शामिल हों। कला जत्था के कलाकारों ने बहुत सुंदर गीत प्रस्तुत किया। आपलोग भी इसे गाइये। एक दूसरे से इस संबंध में बातचीत कीजिए, इसका असर पड़ेगा। आपलोगों की जागरूकता से इन कुरीतियों का खात्मा होगा। बिहार ऐतिहासिक भूमि है, इन कार्यों से बिहार का एक अच्छा संदेश जाएगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भी प्रदान किया गया। कला जत्था के कलाकारों ने दहेज प्रथा, बाल विवाह के खिलाफ अभियान के लिए गीत का प्रस्तुतीकरण भी किया।

सभा को जिले के पंचायती राज मंत्री सह प्रभारी मंत्री कपिलदेव कामत, विधायक पन्ना लाल पटेल, विधायक पूनम देवी यादव, विधायक रामानंद प्रसाद सिंह, विधान पार्षद सोने लाल मेहता, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, पुलिस महानिदेशक पी0के0 ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज अरविंद कुमार चैधरी, सचिव ग्रामीण कार्य विभाग एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विनय कुमार, प्रबंध निदेशक नॉर्थ बिहार डिस्ट्रिब्यूशन पावर निगम लिमिटेड, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, खगड़िया के जिलाधिकारी जय सिंह, खगड़िया की पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी सहित अन्य कई वरीय अधिकारीगण, अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।