हाइकोर्ट ने तीन महीने में सभी बीएड कॉलेजों से रिपोर्ट मांगी

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पटना: पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से तीन महीने के भीतर प्रदेश के सभी बीएड कॉलेजों की रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस एके त्रिपाठी की कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की और एनसीटीइ, संबंधित विवि के कुलपति द्वारा नामित रजिस्ट्रार या एक प्रोफेसर तथा राज्य सरकार की ओर से एडीएम स्तर के एक अधिकारी की तीन सदस्यीय टीम गठित करने को कहा है। टीम को तीन महीने में बीएड कॉलेज की आधारभूत सुविधाओं के बारे में कोर्ट को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सुनवाई के दौरान यह कहा गया कि प्रदेश में 262 निजी बीएड कॉलेज हैं।

कई विश्वविद्यालय की ओर से भी बीएड कॉलेज संचालित की जा रही है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि इनमें से अधिकतर में बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। अधिकतर जगहों पर निर्धारित संख्या में शिक्षकों की संख्या नहीं है। इसके बावजूद निरंतर नामांकन ली जा रही और मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है।

वहीं उच्च न्यायालय ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में सुनवाई की और सरकार से अगले साल 17 फरवरी तक अतिक्रमण हटाने संबंधित विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विकास जैन की कोर्ट ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 21 मार्च, 2017 को निर्धारित की है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि गया के अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज की जमीन पर 25 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। जबकि भागलपुर मेडिकल कॉलेज की जमीन पर करीब 17 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कोर्ट ने सभी अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया।