हाई प्रोफाइल भाजपा नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड समेत कई कांडों में फरार अभियुक्त व 50 हजार रूपये का इनामी कुख्यात ब्रजेश मिश्रा गिरफ्तार

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भोजपुर – पुलिस को आज एक बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल बिहार के हाई प्रोफाइल भाजपा नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड और उनके केस में चश्मदीद गवाह रहे कमल किशोर मिश्रा हत्या समेत कई कांडों में वर्षों से फरार कुख्यात अपराधी ब्रजेश मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बृजेश मिश्रा को काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया है गिरफ्तारी के दौरान ब्रजेश मिश्रा और उसके साथियों ने पुलिस बल पर कारबाईन हथियार से हमला भी किया लेकिन पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बृजेश को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसके और साथी मौके का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए।

इस दौरान पुलिस ने ब्रजेश के पास से 1 देशी कट्टा एक 9mm का पिस्टल व 15 जिंदा कारतूस व 2 खोखा को भी बरामद किया है। गिरफ्तार कुख्यात ब्रजेश मिश्रा पर पुलिस ने 50 हजार रूपये का इनाम पहले से ही घोषित कर रखा था। इस आश्य की जानकारी पुलिस कप्तान आदित्य कुमार ने एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर दी है।

मिडिया को संबोधित करते हुए पुलिस कप्तान ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव के समीप कुख्यात ब्रजेश मिश्रा और उसके कुछ साथी किसी बड़ी अपराध की घटना को अंजाम देने की फिराक में है। जहां पुलिस कप्तान ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसपी अभियान नितिन कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित कर इनामी ब्रजेश मिश्रा व उनके साथियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

टीम ने पुलिस कप्तान के निर्देश पर शाहपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव के समीप चारों ओर से घेराबंदी कर ब्रजेश व उसके साथियों को सरेंडर करने को कहा। जहां ब्रजेश ने पुलिस के सरेंडर करने की बात को नकारते हुए पुलिस बल पर कारबाईन हथियार से हमला बोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने मुंह तोड़ जवाबी कार्रवाई करते हुए ब्रजेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका अपना भाई किशुन मिश्रा जो कि अभी फरार चल रहा है और उसके साथी मौके का फायदा उठा कर वहां से फरार हो गए। पुलिस को ब्रजेश के पास से 1 देशी कट्टा एक पिस्टल व 15 जिंदा कारतूस भी मिले हैं।

कुख्यात इनामी को गिरफ्तार करने में डीआईयू टीम के अलावा कई थाना की पुलिस व भारी संख्या में पुलिस बल के जवान भी शामिल थे। ज्ञात हो कि 12 फरवरी 2016 को बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व शाहपुर की पूर्व विधायक मुन्नी देवी के जेष्ठ विशेश्वर ओझा की दिन दहाड़े हत्या सोनवर्षा गांव में उस वक्त कर दी गई थी। जब विशेश्वर ओझा एक शादी समारोह में शिरकत करके अपने स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे। तभी पहले से घात लगाए हथियारबंद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी।

इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस की ओर से मुख्य गवाह सोनवर्षा गांव निवासी कमल किशोर मिश्रा को भी 28 सितंबर 2018 को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब जब वह मवेशी का चारा लेकर खेत से अपने घर लौट रहे थे। उसी दौरान हथियार बंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।

दोनों ही हत्याकांड में अपराधियों द्वारा कार्रबाईन हथियार का इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। विशेश्वर ओझा हत्याकांड में ब्रजेश मिश्रा और उसका बड़ा भाई हरेश मिश्रा को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इस हत्याकांड में ब्रजेश मिश्रा का बड़ा भाई हरेश मिश्रा और उनके पिता शिवाजीत मिश्रा एक अन्य हत्याकांड में आरा जेल में बंद है जबकि अभी भी उसका भाई किशुन मिश्रा फरार है। बहरहाल ब्रजेश मिश्रा की गिरफ्तारी से जहां आम जनता राहत की सांस ले रही है वही भोजपुर पुलिस भी इस गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही है।