हाकिम उड़ा रहें थे कबुतर और बंद समर्थक शहर में मचा रहें थे उत्पात

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आरा: एससी एसटी एक्ट के समर्थन में भारत बंद के दौरान आज जहां आरा शहर में जय भीम का नारा देकर जमकर तोड़फोड़ व हंगामा किया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक महोदय जिलें में शांति के लिए कबूतर उड़ा रहे थे। जनाब को हर तरफ शांति ही शांति नजर आ रही थी। हुजूर जरा शहरों की सड़कों पर भी एक नजर गौर फरमाईए आम अवाम बेबस और लाचार बनकर उपद्रवियों के कहर को झेल रही हैं और आप शांति की मियाद पेश करने में मसगुल हैं।

दलितों की राजनीतिक रोटी सेकने वाले शहर को इस कदर आग में झोंकने पर ऊतारू थे की स्वत: बंद पड़े दुकानों और प्रतिष्ठानों पर भी जबरन पथराव व तोड़फोड़ हो रहा था। हिमाकत दो देखिए इन बंद करा रहें जनाबों का जो कानून को हाथ में लिए बेखौफ वकालत खाना के अंदर प्रवेश कर वहां भी उत्पात की ऐतिहासिक कहानी रच दी जो आरा के इतिहास में आजतक कभी नहीं देखा गया था। जो भीम सेना की आर्मी समर्थकों द्वारा ज़िला प्रशासन के रिकार्ड रूम में तोड़फोड़ व हो हंगामा किया गया।

इसकी जानकारी के बावजूद भी शांति प्रिय पुलिस कप्तान ने बंद समर्थक पर कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। बंद समर्थक अधिवक्ताओं के बैठने वाले कुर्सी टेबुल को तहस नहस कर रहें थे। इस पूरे घटना को आम जनता की रक्षा के लिए मौजूद खाकी लिबास पहने जवान चुपचाप मुक दर्शक बनकर लाचार तमाशा देख रहे थे। बेचारे बने पुलिस कर्मी भला करें भी तो क्या करें क्योंकि ऊपर का फरमान जो इन्हें नहीं मिला था। बहरहाल भारतीय सविंधान के खिलाफ दलित समुदाय के लोग उग्र होकर सड़कों पर नारेबाजी और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपना भड़ास निकालने में आज कोई कसर नहीं छोड़े होंगे। अब वो सकुन में होंगे कि आज के बाद दलितों पर नजर दिखाने वाले हमारे कारनामे से खुद बखुद नजरबंद हो जाएंगे।