फ़िल्म पद्मावती के विरोध में फूंका संजय लीला भंसाली का पुतला 

388
0
SHARE

सुपौल- एक बार फिर क्षत्रिय महासभा के बैनर तले राजपूत समाज के लोगो ने अपनी एकता का परिचय देते हुये शक्ति प्रदर्शन किया, जहाँ पद्मावती फिल्म के विरोध में क्षत्रिय महासभा ने सुपौल शहर में घूम-घूमकर जय श्री राम के नारो के साथ फिल्मकार संजय लीला भंसाली का फूंका पुतला और कहा इतिहास से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पद्मावती फिल्म के विरोध में क्षत्रिय महासभा ने पूरे शहर में रैली निकाली। जिसमें हजारों लोग हुए शामिल। रैली में पैदल और बाइक से पूरे शहर में घुमकर विरोध किया गया। रैली शहर के गाँधी मैदान से निकालकर महावीर चौक, स्टेशन चौक से लोहिया नगर चौक पर खत्म हुआ।

जहां फिल्म के डायरेक्टर संजय लिला भंसाली का पुतला फूंका गया। युवा क्षत्रिय नेता राजीव प्रताप सिंह ने कहा कि रानी पद्मावती ने हिंदू धर्म की रक्षा करते हुए अलाउद्दीन खिलजी के इरादों को कामयाब नहीं होने दिया था। उन्होंने कहा कि फिल्म में डायरेक्टर ने पद्मावती को खिलजी की प्रेमिका दिखाते हुए नृत्य करते हुए दिखाया है, जो सच्चाई से परे है। कद्दावर क्षत्रिय नेता बब्बन सिंह ने कहा कि फिल्म पद्मावती में रानी पद्मावती के बलिदान और शौर्य को कलंकित करने का प्रयास किया गया है। जिससे क्षत्रिय समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

वहीं प्रवीण कुमार सिंह उर्फ गुजन सिंह ने कहा कि राजपूत समाज का इतिहास काफी गौरवशाली और शौर्यपूर्ण रहा है। भारतीय इतिहास से क्षत्रिय समाज का इतिहास निकाला दिया जाएगा तो वह शुन्य हो जाएगा। आज कल देश में क्षत्रिय समाज को नीचा दिखाने का प्रचलन सा हो गया है, उन्होंने कहा कि राजपूत समाज को फिल्मों में खलनायक के तौर पर दिखया जाता है।

जबकि पूरे भारत में राजपूतो का देश आजाद करने में अहम भूमिका है। लेकिन फ़िल्म में राजपूतो को अपमानित किया गया है। वक्ताओं में समरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर सुपौल में फिल्म सिनेमा हॉल में लगाई गई तो काफी उग्र आंदोलन होगा उसकी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी। क्षत्रिय महासभा की रैली में जय श्री राम के नारे खूब लगे। जय श्री राम के नारों से आज सुपौल गूंज उठा। रैली में संजय भंसाली के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी किया ।