आन्दोलनधर्मी जन कवि बाबा नागार्जुन की 106वी जयंती आज

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PATNA: आज आम जन के कवि बाबा नागार्जुन की जयंती है. बाबा नागार्जुन का जन्म मधुबनी जिले के सतलखा हुसैनपुर गांव में 30 जून सन् 1911 को हुआ था. दरअसल सतलखा बाबा नागार्जुन का ननिहाल है. मूल रूप से जनकवि नागार्जुन दरभंगा के तरौनी के रहनेवाले थे.

इनका आरंभिक जीवन अभाव का जीवन था. वे संस्कृत, तिब्बती, बंगला, मैथिली और हिन्दी के मुर्द्धन्य विद्वान थे. मैथिली साहित्य पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा अकादमी फ़ेलोशिप का सम्मान भी प्राप्त हुआ था. बाबा नागार्जुन साहित्य की एक ऐसी विभूति हैं, जिन पर साहित्य-समाज और संपूर्ण बिहार गौरव की अनुभूति करता है. अपनी कविताओं में बाबा नागार्जुन अत्याचार पीड़ित ग्रस्त व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित करके ही संतुष्ट नहीं हो गए बल्कि इनको अनीति और अन्याय का विरोध करने की प्रेरणा भी दी. समसामयिक, राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं पर इन्होंने काफी लिखा है.

सन् 1929 ई. में नागार्जुन की पहली रचना मिथिलना नामक पत्रिका में छपी थी. हिंदी में पहली रचना ‘राम के प्रति’ नामक कविता थी जो लाहौर से निकलने वाले साप्ताहिक ‘विश्वबन्धु’ में छपी थी. नागार्जुन की कुल रचनाओं की बात करें तो इन्होंने करीब आधा दर्जन उपन्यास, दर्जनों कविता संग्रह , मैथिली कविताओं का संग्रह लिखा. जिसका विभिन्न भाषाओं में अनुवाद भी किया गया.