11 अक्‍टूबर को अहमदाबाद जाकर पप्‍पू यादव देंगे बिहारी एकता का परिचय : एजाज अहमद

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पटना – जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज़ अहमद ने कहा कि गुजरात में बिहारियों पर हो रहे हमले के बाद भी प्रधानमंत्री की चुप्पी इस बात का संकेत है कि कहीं ना कहीं वह बिहार के लोगों से 2015 के चुनाव परिणाम का बदला ले रहे हैं। श्री अहमद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उन्हें पता नहीं है कि बिहार के लोग अपने मेहनत, कार्य कुशलता और क्षमता के बदौलत पूरे देश को गौरवान्वित करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि आज जो गुजरात की गिनती विकसित राज्य में हो रही है उसमें बिहारियों का सबसे बड़ा योगदान है। इस बात से कोई भी गुजराती इंकार नहीं कर सकता है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि आज राजनीतिक बदले की भावना के कारण बिहार के लोगों को गुजरात में को कोपभाजन का शिकार होना पड़ रहा है।

एजाज अहमद ने आगे कहा कि जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक इस मामले को लेकर कल दिनांक 10 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली के गुजरात भवन के सामने विशाल प्रदर्शन करेगा। साथ ही साथ पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक सह सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव दिनांक 11 अक्टूबर को गुजरात के अहमदाबाद जाकर बिहारियों के साथ अपनी एकजुटता का परिचय देंगे। साथ ही इस मामले में गुजरात सरकार से यह मांग करेंगे कि बिहारियों पर हो रहे हमले को रोके अन्यथा वह गुजरात में ही एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेंगे।

अहमद ने कहा कि गुजरात में रहने वाले बिहारी हमेशा गुजरात को बेहतर बनाने गुजरात को विकसित राज्य बनाने और गुजरात को चमकाने में अपना योगदान देते रहे हैं। अगर उन पर ऐसे ही हमला होता रहा तो जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक इस मामले पर चुप नहीं रहेगी और गुजरात से ही बिहारी बचाओ आंदोलन की शुरुआत होगी। क्योंकि बिहारी जब संघर्ष और आंदोलन पर उतर आता है तो सत्ता और व्यवस्था परिवर्तन होकर रहता है।

उन्‍होंने कहा कि लोकसभा 2019 के चुनाव में बिहार उत्तर भारतीय इस बात को अपने दिल दिमाग में बैठा कर रख ले कि देश मे आज किस तरह से गुजराती अस्मिता के नाम पर शासन चलाया जा रहा है और गुजरात के मुख्यमंत्री के द्वारा अब तक इस मामले में जो भी दोषी है उन पर कार्रवाई नहीं किए जाने और बिहारियों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण ही आज गुजरात से हजारों की संख्या में लोग बिहार के लिए पलायन कर रहे हैं शायद बिहार के मुख्यमंत्री भी इस मामले में कठोर कदम उठाने से डर रहे हैं क्योंकि उनको यह बात पता है एक बार गुजराती अस्मिता को चैलेंज किया था तो उनके साथ किस तरह का हुआ और हो रहा है।