12 अक्टूबर को देश में लोहिया दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करें केन्द्र सरकार – लोजपा

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पटना – लोक जनशक्ति पार्टी प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, महान समाजवादी नेता प्रखर चिन्तक डाॅ0 राम मनोहर लोहिया के पूण्यतिथि 12 अक्टूबर के दिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा केन्द्र की एनडीए सरकार व देश के प्रधानमंत्री से डाॅ0 लोहिया को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग तथा गोवा एयरपोर्ट का नामाकरण डाॅ0 लोहिया के नाम पर किये जाने का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि डाॅ0 राम मनोहर लोहिया का देश के आजादी एवं देश को एकजुट रखने में बड़ा अनुकरणीय योगदान था जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

पार्टी ने डाॅ0 लोहिया का देश के प्रति बलिदान एवं योगदान तथा बिहार के प्रति उनके विशेष लगाव को देखते हुए केन्द्र सरकार एवं बिहार सरकार के मुख्यमंत्री से आज यह भी मांग किया गया कि 12 अक्टूबर डाॅ0 लोहिया के पूण्यतिथि को देश एवं बिहार में लोहिया दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की जाय। डाॅ0 लोहिया को जो सम्मान देश में आजादी के बाद मिलना चाहिए था कांग्रेस के सरकारों ने वो सम्मान उनको कभी देने का काम नहीं किया। देश में गैर कांग्रेसवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगानेवाले गैरकांग्रेसवाद के शिल्पी डाॅ0 लोहिया और उनके अथक प्रयासों का ही फल था कि 1967 में देश में हुए चुनाव में कई राज्यों में काॅग्रेस की पराजय हुई। असमय डाॅ0 लोहिया के देहान्त के पश्चात् उनके द्वारा जो गैर कांग्रेसवाद की विचारधारा चलायी गयी थी उसी की वजह से आगे चलकर 1977 में पहली बार केन्द्र में गैर काॅग्रेसी सरकार बनी।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि डाॅ0 लोहिया ही थे जो राजनीति को गंदी गली की संज्ञा देकर शुद्ध आचरण और सुचिता की बात करते थे। वे एक मात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंनें देश में पहली बार अपनी पार्टी की सरकार से खुलेआम त्यागपत्र की मांग की, क्योंकि उस केरल सरकार के शासन में आन्दोलनकारियों पर गोली चलायी गयी थी। देश में स्वतंत्रता एवं देश के बंटवारें पर काॅग्रेेस एवं नेहरू जी के सत्ता की लिप्सा का खुला खेल डाॅ0 लोहिया ने अपनी आँखों से देखा था इसलिए स्वतंत्रता के बाद की कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसियों के प्रति उनके अन्दर बड़ा रोष था। डाॅ0 लोहिया ने हमेशा देश की चिन्ता की और कांग्रेसियों ने कुर्सी और सत्ता की चिन्ता की।

उन्होंने कहा कि सन् 1949 में पटना में सोशलिस्ट पार्टी के सम्मेलन में पहली बार डाॅ0 लोहिया ने चैखंभा राज्य की कल्पना रखी थी पटना में हीं हिन्द किसान पंचायत की स्थापना भी हुई जिसका अध्यक्ष पटना में डाॅ0 लोहिया को चुना गया था। डाॅ0 लोहिया ने लोक नायक जय प्रकाश नारायण जी के साथ मिलकर सप्तक्रान्ति एवं संपूर्ण क्रान्ति के मजबूत संकल्पों के साथ करोड़ों देशवासियों के उन्नति एवं प्रगति एवं भ्रष्टाचार के समूल नाश के लिए बड़ा जन-आन्दोलन खड़ा किया था। आज के समय में बिहार के मुख्यमंत्री के द्वारा उनको भारत रत्न से सम्माननित किये जाने की मांग का बिहार लोक जनशक्ति पार्टी स्वागत करती है और इसके लिए नीतीश कुमार को बधाई देती है और प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह करती है कि अतिशीघ्र नीतीश कुमार के द्वारा उठाये गये इस मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए डाॅ0 लोहिया को भारत रत्न देते हुए 12 अक्टूबर को लोहिया दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करें।