15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने माता-पिता पर डेढ़ लाख रुपये में लगाया बेचने का आरोप

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दिलीप कुमार

कैमूर – केन्द्र सरकार और राज्य सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ की बात करते है, लेकिन कैमूर जिले से एक मानवता को शर्मसार और सरकार की नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला मामला सामने आया है।
बिहार के नवादा की रहनेवाली एक 15 वर्षीय लड़की अचानक अपने कैमूर जिला में रहनेवाले जीजा के साथ एसडीपीओ कार्यालय पहुंचती हैं। लड़की ने बताया कि उसके पिता ने उसे झारखण्ड के गिरिडीह में रहनेवाले एक अधेड़ व्यक्ति के हाथ एक लाख पच्चास हजार रुपये में शादी के नाम पर बेच दिया है।

15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने मां-पिता पर डेढ़ लाख रुपये में बेचने का लगाया आरोप और एसडीपीओ भभुआ अजय प्रसाद से कहा कि अपने माता-पिता की खिलाफ एफआईआर दर्ज करना चाहती है। एसडीपीओ के आदेश के बाद भभुआ महिला थाना में एफआईआर दर्ज कराया।

पीड़िता ने बताया कि आठवीं क्लास की परीक्षा पास कर आगे की पढ़ाई करना चाहती थी लेकिन मां बाप ने पैसे के लालच में आ कर जबरदस्ती डेढ़ लाख रुपये में शादी के नाम पर गिरिडीह के अधेड़ युवक को बेच दिया। शादी के बाद पीड़िता को झारखण्ड-गिरिडीह से 6 लाख में बेचने के लिए पुणे ले जाया जा रहा था, ट्रेन में ही पीड़िता ने अपनी सारी आपबीती तीसरे जेंडर के कुछ लोगों को बताई। जिसके बाद उन्होंने उसकी मदद किया और इलाहाबाद उतार लिया और वापस मुग़लसराय स्टेशन लेकर आ गए। जहाँ से लड़की अपनी बहन और जीजा बबलू जो भभुआ के बारे में रहते है उनके घर आ गई। लड़की का कहना है कि वो अभी पढ़ाई करना चाहती है जिंदगी में कुछ करना चाहती है लेकिन घर वालो ने उसे बेच दिया।

भभुआ एसडीपीओ अजय प्रसाद ने बताया कि लड़की का कहना है कि उसके माता-पिता ने डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया है। पीड़िता के बयान पर महिला थाना में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की कार्रवाई की जा रही है।

वही पीड़ित के जीजा बबलू पांडेय ने कहा कि उसकी साली है। बोल रही है कि घरवालों ने शादी के नाम पर डेढ़ लाख में बेच दिया था। और जिसे बेचा था वो 6 लाख में बेचने के लिए पुणे ले जा रहा था। इस क्रम में भाग कर मेरे घर पर आई हुई है।