21 जनवरी को 10.15 से 3 बजे तक नहीं चलेंगे वाहन

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पटना: बिहार सरकार शराबमुक्त बिहार बनाने के लिए 21 जनवरी को बनने वाली राज्यव्यापी मानव शृंखला के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों व राज्य मार्गों पर वाहन नहीं चलेंगे। मंगलवार को मुख्य सचिवालय सभागार में प्रेस कान्फ्रेंस में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी पीके ठाकुर ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सुबह 10.15 से अपराह्न तीन बजे तक एसएच-एचएन पर वाहन नहीं चलेंगे, ताकि मानव शृंखला के मार्ग में कोई व्यवधान पैदा न हो। हालांकि डीजीपी के बताया कि मानव शृंखला में शामिल होने वाले स्कूली बच्चों, वॉलेंटियर, प्रशासनिक तथा मीडिया की गाड़ियों को नियंत्रित रफ्तार के साथ चलने की इजाजत दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिलों में वाहन परिचालन तय करने का जिम्मा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिया गया है। राज्यभर में वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के जवानों के साथ ही चौकीदारों को भी लगाया जाएगा।

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि शराब जैसे सामाजिक मुद्दे के लिए बनने वाली 11 हजार 292 किमी की यह दुनिया की सबसे लम्बी मानव शृंखला होगी। इसे बिहार के लोग अपनी सहभागिता से ऐतिहासिक बनायेंगे। अच्छी बात यह है कि समाज के सभी समुदाय, प्राय: सभी राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि रेकॉर्ड बनाना सेकेंड्री है, प्राथमिकता यह है कि राज्य के 2 करोड़ लोग शराबमुक्त बिहार के समर्थन में हाथों में हाथ थामकर सड़क पर मानव शृंखला का हिस्सा बनें।

सिंह ने कहा कि 21 जनवरी से 22 मार्च (बिहार दिवस) तक मद्य निषेध अभियान चलेगा। बिहार दिवस की थीम भी शराबबंदी ही होगी। मानव शृंखला में सर्वश्रेष्ठ करने वाले तीन जिलों को बिहार दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा। कहा कि मानव शृंखला का डाक्यूमेंटेशन किया जाएगा। हर जगह सूची बनेगी कि कौन-कौन लोग शामिल हुए, इसका रेकॉर्ड भी रखा जाएगा।

3007 किमी के मुख्य मार्ग पर बनने वाली मानव शृंखला की डिजिटल फोटोग्राफी स्पेस मंत्रालय का इसरो करेगा। इसके लिए इसरो के दो और विदेश के तीन उपग्रहों की मदद ली जाएगी। राज्य सरकार के चार छोटे प्लेन से भी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी होगी। बाद में इनसबों की मदद से आधे घंटे की फिल्म बनेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभारी मंत्री व प्रभारी सचिव मानव शृंखला की सफलता को लेकर जिलों में कैम्प करेंगे। इन दोनों के साथ ही डीएम और एसपी जिलों में मानव शृंखला का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो जहां रहते हैं या जहां काम करते हैं उसके नजदीक में ही मानव शृंखला में शामिल हों। कहा कि संचालन और नियंत्रण के लिए सभी जिलों के साथ ही सभी प्रखंडों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।