25 हजार एकड़ में जैविक खेती के अंगीकरण एवं प्रमाणीकरण का लक्ष्य निर्धारित -डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना- कृषि मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 25 हजार एकड़ में जैविक खेती के अंगीकरण एवं प्रमाणीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जैविक सब्जी को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार सरकार द्वारा भारत में पहली बार प्रथम चरण में राज्य के 4 जिलों पटना, नालंदा, वैशाली एवं समस्तीपुर में 6 हजार एकड़ के लिए 20 हजार से अधिक किसानों को अग्रिम अनुदान के रूप में 6 हजार रूपये प्रति 30 डिसमल भूमि के लिए राशि ई-कैश के रूप में सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई गई है।

मंत्री ने कहा कि बक्सर से भागलपुर के बीच गंगा के किनारे कुल 12 जिलों में जैविक कोरिडोर को विस्तारित किया जा रहा है। साथ ही, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नमामी गंगे स्वच्छता अभियान के अंतर्गत 5 जिलों भोजपुर, बक्सर, छपरा, वैशाली एवं पटना में 103 कलस्टर में जैविक खेती एवं उनके प्रमाणीकरण के कार्यक्रम हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पटना से बिहार शरीफ, नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर तथा भोजपुर में भी जैविक कोरिडोर को विस्तारित करने की योजना स्वीकृत की जा रही है। जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिए सिक्कीम राज्य, जो पूर्णतः जैविक राज्य घोषित है, के साथ एकरार किया गया है।

डाॅ॰ कुमार ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए पक्का वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई के निर्माण के लिए 5 हजार रू0 तथा व्यावसायिक रूप में एक हजार, 2 हजार एवं 3 हजार मेट्रिक टन वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन इकाईयों के लिए लागत मूल्य का 40 प्रतिशत अधिकत्तम क्रमशः 6.40 लाख रूपये, 12.80 लाख रूपये एवं 20 लाख रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान पर गोबर गैस, जैव उर्वरक एवं वर्मी कम्पोस्ट के वितरण, फेरोमाॅन ट्रैप तथा जैव कीटनाशियों पर भी अनुदान दिया जा रहा है।