26 मई तक लगभग 825 ट्रेनों से 8 लाख प्रवासी लौटेंगे बिहार- संजय अग्रवाल

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PATNA: राजधानी में सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सूचना जन-सम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार एव परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने मीडियाकर्मियों को कोरोना से उत्पन्न हालात पर सरकार द्वारा कियो जा रहे कार्यों की जानकारी दी. इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पुलिस मुख्यालय से ए.डी.जी जितेन्द्र कुमार भी जुड़े थे.

परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि सरकार पूरी क्षमता से प्रवासी लोगों को वापस लाने के लिए लगातार काम कर रही है. 5 ट्रेनों से शुरुआत कर इसे 30 ट्रेन प्रतिदिन तक किया गया है. कल यानी मंगलवार को 50 ट्रेनें प्रवासी लोगों को लेकर बिहार आएगी. कल शाम तक 5,20,000 लोग वापस बिहार आ चुके हैं. आज 47 ट्रेनें बिहार के अलग-अलग स्टेशन पर आएगी जिससे 75,000 लोग वापस आएंगे.

26 मई तक 505 ट्रेनें बिहार आएगी. 8 दिनों की अग्रिम योजना बनाकर संबंधित राज्यों से संपर्क बना लिया गया है. 18 राज्यों से संपर्क स्थापित करने के बाद लगभग 825 ट्रेनों से 8 लाख से ज्यादा लोगों के आने की संभावना है. परिवहन सचिव ने कहा जब तक प्रवासी श्रमिक या अन्य लोग वापस आना चाहेंगे, तब तक सरकार उनके वापस आने का इंतजाम करेगी.

आने वाले दिनों में सरकार हर दिन 50 से 60 ट्रेनों की व्यवस्था करेगी, जिससे दूसरे राज्यों से प्रवासी लोगों को वापस लाया जा सके. लोगों को स्टेशन से अपने गृह जिले में जाने में दिक्कत नहीं हो इसके लिए 4500 बसों की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही ट्रेनों का ठहराव बिहार के अलग अलग जिले तक किए जाएंगे. अब तक 5,25,000 प्रवासी लोग वापस बिहार आ चुके हैं जिनमें ट्रेनों के जरिए 4,25,000 एवं राज्य के बार्डर इलाके तक पैदल पहुंचे शेष प्रवासी लोगों को बसों एवं ट्रेनों के माध्यम से उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जा चुका है.

जो श्रमिक बिहार के बार्डर तक पैदल चल कर पहुंचे हैं, उनके लिए भी खास व्यवस्था की गई है. गोपालगंज एवं कैमूर से 800 बसों के जरिए ऐसे श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है. गोपालगंज से 5, कैमूर से 3
ट्रेनें एवं पटना से 1 ट्रेन चलाई जा रही है, जिससे श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके. जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अगर उनके इलाके में कोई श्रमिक पैदल चलकर जाते दिखे तो उन्हें नजदीक के स्टेशन या बस के जरिए उनके गृह जिले तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए.

प्रवासी श्रमिको को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है. प्रवासी लोगों को ट्रेन से लाने के लिए सरकार अपनी मैक्सिमम कैपेसिटी पर काम कर रही है. आने वाले दिनों में प्रतिदिन 1 लाख तक प्रवासी लोग वापस आने लगेंगे. आने वाले सभी प्रवासी लोगों के लिए प्रोटोकाल के अनुरुप सभी सुविधाएं दी जा रही हैं. बार्डर से प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए जो भी बसें एवं ट्रेनें चलाई जा रही है उसका भुगतान राज्य सरकार कर रही है.

परिवहन सचिव ने कहा कि राजधानी स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से आने वाले प्रवासी लोग अंतर जिला सफर करने के लिए ओला और ऊबर का उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें एडवांस बुकिंग करानी होगी. सभी श्रमिकों से अपील करते हुए परिवहन सचिव ने कहा कि पैदल ना चलें सरकार उन्हें वापस लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है. इस संबंध में रेल मंत्रालय से भी संपर्क किया गया है. इस महीने तक सरकार बाहर से आने वाले हर इच्छुक प्रवासी को वापस बिहार लेकर आएगी. आपदा के इस घड़ी में सरकार हर पल उनके साथ है.