31 मई के बाद की रणनीति को लेकर सीएम नीतीश ने अधिकारियों से लिया फीडबैक- अनुपम कुमार

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PATNA: राजधानी में शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सूचना जन-सम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं पुलिस मुख्यालय से ए.डी.जी जितेन्द्र कुमार ने मीडियाकर्मियों को कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से उत्पन्न हालात के बाद सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी.

कोरोना की वर्तमान स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है. सूचना सचिव अनुपम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विभिन्न विभागों के सचिव, प्रधान सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमंडलीय आयुक्तों, रेंज के आईजी,डीआईजी एवं सभी जिले के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर कई निर्देश दिए.

इस क्रम में क्षेत्रिय पदाधिकारियों से 31 मई के बाद की रणनीति को लेकर फीडबैक भी लिया गया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ब्लाक क्वारंटाईन सेंटर में व्यवस्था सुचारु रुप से चलता रहे, हाल के दिनों में लगातार प्रवासियों के आने का सिलसिला जारी है, ऐसे में नए लोगों के लिए क्वारंटाईन में रहने की अलग व्यवस्था हो, नए और पुराने लोगों को मिक्स नहीं किया जाए.

होम क्वारंटाईन या ब्लाक क्वारंटाईन सेंटर में रहने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग की जाए. पल्स पोलियो की तर्ज पर बाहर से आए लोगों का डोर टू डोर स्क्रीनिंग किया जा रहा है, उसमें स्किल सर्वे करने वाले लोग प्रवासियों का पूरा ब्यौरा इक्कठ्ठा करें. लोगों को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है.

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन भी किया जा चुका है, जो बाहर से आए मजदूरों को रोजगार के अवसर देने के लिए नीति निर्धारण का काम कर रहे हैं. सभी जिलाधिकारियों से कहा गया है कि उनके द्वारा बाहर से आए लोगों का जो स्किल मैपिंग हुआ है उसके आधार पर जिले में क्लस्टर्स को आईडेंटिफाई कर रोजगार देने के लिए समुचित कार्यवाई की जाए.

राशनकार्ड को लेकर मुख्यमंत्री ने खाद्ध उपभोक्ता संरक्षण विभाग को निर्देश दिया है कि नए राशनकार्ड की प्रिन्टिंग में तेजी लाकर उसकी शीघ्र वितरण की जाए. टिड्डी दल के प्रकोप को लेकर कृषि विभाग ने एसओपी निर्गत किया है. सभी संबंधित जिले को एसओपी के मुताबिक अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है. लोगों से भी मार्केट में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का अपील किया गया है.

सूचना सचिव ने बताया कि 12 हजार 9 सौ 9 ब्लाक क्वारंटाईन सेंटर में कुल 12 लाख 71 हजार 2 सौ 35 लोग आवासित रहे, जिनमें से 6 लाख 21 हजार 6 सौ 1 श्रमिकों के क्वारंटाईन पीरियड पूरा होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है, अभी फिलहाल 6 लाख 49 हजार 6 सौ 34 लोग ब्लाक क्वारंटाईन सेंटर में आवासित हैं. बिहार में फिलहाल 84 आपदा राहत केन्द्र चलाए जा रहे हैं जिसका लाभ 18 हजार से अधिक लोग उठा रहे हैं.

लॉकडाउन के समय अब तक 3 करोड़ 88 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं. फरबरी, मार्च, अप्रैल में आसमयिक बारिश एवं ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति के लिए किसानों को कृषि इनपुट अनुदान राशि दी जा रही है, जिससे किसानों को फौरी राहत मिल पाए. इसके लिए सरकार की तरफ से 730 करोड़ की राशि का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है. अब तक 12 लाख 35 हजार किसानों के खाते में 417 करोड़ 55 लाख की राशि भेज दी गई है. बचे हुए किसानों के खाते में जल्द ही राशि भेज दी जाएगी.

27 मई तक दूसरे प्रदेशों से प्रवासियों को लेकर कुल 1321 ट्रेनें बिहार आई, जसमें 19 लाख 4 हजार 7 सौ 84 लोग बिहार आए। आज 37 ट्रेनें, 30 मई को 18 ट्रेनें और 31 मई को 13 ट्रेनों का आना संभावित है.