51 हजार दीपों से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का होगा स्वागत

784
0
SHARE

भागलपुर: भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का पहली बार अंग की धरती पर 26 नवंबर को आगमन हो रहा है। राष्ट्रपति कहलगांव में रात्रि विश्राम भी करेंगे। इसे लेकर इन दिनों पूरा भागलपुर महामहिम के स्वागत की तैयारी में जुटा हुआ है। सोशल साइट पर भी राष्ट्रपति के आगमन को लेकर खूब चर्चा हो रही है।

राष्ट्रपति के विश्राम स्थल के पांच किमी की परिधि में हर घर में दिवाली जैसे दीप जलना चाहिए। अब कहलगांव के लोगों ने फैसला लिया है कि 26 नवंबर की शाम राष्ट्रपति के स्वागत में हर घर पर दीप जलेगा और 51 हजार मिट्टी के दीप जलाकर कहलगांव और आसपास के लोग उनका स्वागत करेंगे। दीप जलाने का उद्देश्य सिर्फ यह संदेश देना है कि महामहिम के आगमन से पूरे अंग क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

27 नवंबर की सुबह राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी विक्रमशिला स्तूप स्थल का जायजा लेंगे। वह ई-रिक्शा से स्तूप स्थल पहुंचेंगे। विक्रमशिला के मुख्य स्तूप के बाईं तरफ एक झोपड़ीनुमा बूम बनाया जाएगा। वहां भी कुछ देर बैठकर राष्ट्रपति विक्रमशिला का जायजा लेंगे।

राष्ट्रपति के सभा स्थल के लिए बने पंडाल में चार गेट होंगे। एक गेट से सिर्फ राष्ट्रपति की गाड़ी को प्रवेश मिलेगा। दूसरे गेट से राज्यपाल और मंच पर बैठने वाले अतिथियों की गाड़ी ही जा सकेगी। तीसरे गेट से विशेष अतिथियों को और एक चौथे गेट से अन्य लोगों को प्रवेश मिलेगा। पंडाल में उन्हीं लोगों को प्रवेश मिल सकेगा जिनके पास आमंत्रण पत्र होगा।

वहीं राष्ट्रपति के प्रोटोकाल के अनुसार सभा स्थल पर बनाए गए मंच पर सिर्फ नौ कुर्सियां रहेंगी। राष्ट्रपति के साथ मंच पर पूरे कार्यक्रम के मेजबान सांसद निशिकान्त दुबे के अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूढ़ी, राष्ट्रपति के पुत्र और सांसद अभिजित मुखर्जी, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, सांसद बुलो मंडल, क्षेत्रीय विधायक सदानंद सिंह रहेंगे।

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी कहलगांव के मानसरोवर गेस्ट हाउस में ठहरेंगे। मानसरोवर के गेस्ट हाउस में ही वह रात का भोजन करेंगे। इसके लिए डाइनिंग हाल को संवारा जा रहा है। डाइनिंग टेबल और कुर्सियां बाहर से मंगाई जा रही हैं। राष्ट्रपति के साथ डाइनिंग टेबल पर कुल चालीस लोग होंगे। सभी कुर्सियों के सामने अतिथि की नेम प्लेट लगी होगी। डिनर में कौन लोग शामिल रहेंगे इसे राष्ट्रपति के प्रोटोकाल अधिकारी तय करेंगे।