संजय गांधी जैविक उद्यान के सौन्दर्यीकरण के नाम पर 90 लाख की लूट- सुशील मोदी

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बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को अपने संवाददाता सम्मेलन में लालू प्रसाद के बड़े बेटे व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप पर आरोप लगाते हुए कहा कि संजय गांधी जैविक उद्यान के सौन्दर्यीकरण के नाम पर 90 लाख रूपये की लूट हुई है। संजय गांधी जैविक उद्यान पर्यावरण एवं वन विभाग अन्तर्गत आता है जिसके मंत्री लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप हैं।

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बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप लगाया था कि रेलवे के रांची और पुरी के दो होटलों को होटल सुजाता के हर्ष कोचर को गलत तरीके से बेच दिया गया है। इन दो होटलों के बदले हर्ष कोचर ने पटना में दो एकड़ जमीन को डिलाइट मार्केटिंग कम्पनी को ट्रांसफर कर दी थी। इस कम्पनी में मंत्री और राजद सांसद की पत्नी शरला गुप्ता की 70 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। बाद में डिलाइट कम्पनी ने तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और चंदा यादव को 26 जून 2014 को निदेशक बना दिया। पटना की इसी जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाया जा रहा है जिसका निर्माण राजद के विधायक सैयद अबु दौजाना की कम्पनी मेरीडीयन कंस्ट्रक्शन कर रही है। जिस निर्माणधीन शॉपींग मॉल का संबंध लालू प्रसाद के परिवार से है उसके दो अंडर ग्रांउड फ्लोर की मिट्टी संजय गांधी जैविक उद्यान को 90 लाख में बेच दी गयी है। इस मॉल की मिट्टी को बिकवाने के लिए सौन्दर्यीकरण के नाम पर अनावश्यक 90 लाख का एस्टीमेट पगडंडी बनाने के नाम पर किया गया। बिना टेंडर के यह 90 लाख का काम एमएस इंटर प्राइजेज को सौंप दिया गया जिसका मालिक रूपसपुर के विरेन्द्र यादव हैं।

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पिछले दो माह से रात के 10 बजे से सुबह 5 बजे तक हाईवा चला कर मिट्टी की ढुलाई की जा रही है जबकि रात में वन्य प्राणियों के उद्यान में रात में कोई निर्माण कार्य या गतिविधि नहीं की जा सकती है। प्रति हाईवा 4 हजार की दर से उद्यान की पार्किंग का ठेकेदार बंटी यादव इस राशि की वसूली करता है। 90 लाख का ये काम बिना टेंडर के केवल कोटेशन के आधार पर दे दिया गया है। लालू प्रसाद के परिवार अपने मॉल की मिट्टी को अपने ही विभाग में बेच कर 90 लाख की कमाई कर चुका है यानि ‘आम के आम और गुठलियों के दाम’।

सरकार को बताना चाहिए कि क्या कोई मंत्री अपनी जमीन की मिट्टी को अपने विभाग में खरीद सकता है? क्या बिना टेंडर के 90 लाख की वस्तु सरकारी विभाग में खरीदी जा सकती है? क्या वन्य प्राणी के परिसर में रात में निर्माण कार्य कराया जा सकता है ? क्या यह सही नहीं है कि बिहार के सबसे बड़ी शांपिंग मॉल का निर्माण राजद के विधायक की कम्पनी करा रही है ? क्या उद्यान को 90 लाख की मिट्टी की आवश्यकता थी या केवल मॉल की मिट्टी को खरीदने के लिए जबर्दस्ती सौन्दर्यीकरण की योजना तैयार की गई ? क्या मुख्यमंत्री पूरे मामले की जांच करा कर मंत्री को बर्खास्त करेंगे?