9900 सौ सिपाही भर्ती बहाली पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, न्यायमूर्ति ने चयन परिषद से दो सप्ताह में किया जवाब तलब

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पटना – देवानंद सहित 300 से अधिक अभ्यर्थियों की दायर रिट याचिका पर न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि सिपाही बहाली की सारी प्रक्रिया का परिणाम इस याचिका के अंतिम आदेश के परिणाम पर निर्भर करेगा। याचिकर्ता की तरफ से वरीय अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद सिंह और राजीव कुमार सिंह ने अदालत के समक्ष भर्ती प्रक्रिया से सम्बंधित कई गड़बड़ी की जानकारी से कोर्ट को अवगत कराया गया। उन्होंने अपनी दलील में अदालत को जानकारी देते हुए बताया कि 29 जुलाई 2017 को 9900 सिपाही के रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला गया था। ये रिक्तियां जिला पुलिस सहित कई इकाइयों में बहाली के लिए थी। बहाली के पूर्व अक्टूबर 2017 को लिखित परीक्षा ली गयी थी। इस लिखित परीक्षा में कई फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गये थे।

जबकि चयन आयोग में हड़बड़ी में शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए 42,759 अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया। दो महीनों में यानी फरवरी और मार्च 2018 में शारीरिक दक्षता परीक्षा सम्पन्न हुई। जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी गई और आयोग ने 9839 सफल अभ्यार्थी की सूची निकाली। चयन सूची में आरक्षण नियमों का भी उल्लंघन हुआ।

बता दें कि देवानन्द सहित कई अभ्यर्थी ने चयन सूची को रद्द कर उसमें फर्जी और धांधली करने वाले सफल अभ्यर्थी को हटा कर रिट याचिकाकर्ता के चयन करने का अनुरोध अदालत से किया। इस मामले पर अदालत ने सुनवाई करते हुए भर्ती बोर्ड से जवाब तलब कर दो हप्ते के बाद अगली सुनवाई करने को निर्धारित की है।