एसटीएफ के हत्थे चढ़े दो नक्सली, लेवी वसूली के मिशन पर लगा था 21 वर्षीय हार्डकोर

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पटना डेस्क। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के ऑपरेशन
में बीते 24 घंटे में उत्तर बिहार के विभिन्न इलाकों से दो हार्डकोर नक्सली पकड़े
गए हैं। इनमें एक 21 वर्षीय हार्डकोर राजेश कुमार राम लेवी वसूली के मिशन में लगा हुआ
था, जबकि दूसरे रामू पासवान की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। नक्सली राजेश राम
पश्चिमी चंपारण जिले के बाल्मिकी नगर थानांर्गत सोहरियां गांव का मूल निवासी है।
दरअसल लेवी वसूली को लेकर राजेश राम के इलाके में सक्रिय होने की खबर मिलने के बाद
से ही एसटीएफ की टीम उसके पीछे लगी हुई थी। इसी क्रम में नौरंगिया इलाके में उसके
लेवी वसूलने के लिए आने का पता चलते ही एसटीएफ दस्ते ने घंराबंदी करके राजेश को
गिरफ्तार कर लिया।

इलाके में लगातार वसूल रहा था लेवी

पश्चिमी चंपारण इलाके में नक्सलियों का प्रभाव
क्षेत्र सिकुड़ने के बावजूद लगातार लेवी वसूली जा रही थी। खासकर के ग्रामीण इलाके
के व्यवसायी, ठेकेदार व अन्य लोग लेवी को लेकर टारगेट पर थे। एसटीएफ के मुताबिक
पटवा टोला के महेंद्र महतो से 60 हजार और सोहरिया के जद्रनाथ काजी 1.50 लाख रुपए
वूसले गए थे। पारस महतो उर्फ डीलर से 5 लाख रुपए लेवी के रुप में वसूले जाने थे।
हालांकि उसके पहले ही राजेश राम को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।  

8 वर्षों से वांछित नक्सली कुढ़नी थाना को
सौंपा गया

कड़ी मशक्कत के बाद 8 वर्षों से वांछित नक्सली रामू
पासवान उर्फ हिमांशु को एसटीएफ ने अपनी गिरफ्त में लेने के बाद आगे की कानूनी
कार्रवाई के लिए मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना के हवाले कर दिया। वह साहेबगंज
थाने के सोमगढ़ गांव का निवासी है। वर्ष 2013 में लेवी नहीं मिलने पर एक चिमनी
भट्टा को उड़ाने के मामले में उसकी तलाश की जा रही थी। इस वारदात को लेकर कुढ़नी
थाने में 17 अप्रैल 2013 को एफआईआर दर्ज की गई थी, पर हार्डकोर रामू पासवान लंबे
समय तक पुलिस को छकाते हुए अंडरग्राउंड रहा।