जिसे अग्यात समझ पुलिस ने अंतिम संस्कार किया, वह वॉल्वो बस का मालिक निकला

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पटना डेस्क। पुलिस ने जिसे लावारिस या
अग्यात मान कर अंतिम संस्कार कर दिया, वह वॉल्वो बस का मालिक तपन कुमार निकला। तपन
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के शिकारपुर थाने के हमीरपुर का रहने वाला था। हालांकि यह
मामला गोपालगंज व मुजफ्फरपुर जिले से जुड़ा हुआ है। दरअसल बीते 13 जून को पूर्णिया से दिल्ली ले जाने के दौरान मुजफ्फरपुर के कांटी थाना
इलाके से वॉल्वो बस का मालिक तपन लापता हुआ था। अगले ही दिन 14 जून को गोपालगंज के मांझा थाने के भड़कुइया में एनएच किनारे तपन की लाश
मिली थी। सिर में चोट और जगह-जगह जख्म के निशान थे। तब पुलिस ने शव को अज्ञात
मानकर पोस्टमार्टम कराया। हालांकि 72
घंटे से
अधिक समय बीतने के बाद भी पहचान नहीं होने पर पुलिस ने 17 जून को अंत्येष्टि करवा दी थी।

हत्या करके लूटी वॉल्बो बस, ड्राइवर
समेत 3 गिरफ्तार

इस बीच मुजफ्फरपुर जिले की
कांटी थाने की पुलिस इस पूरे मामले की जांच में लग गई है। गोपालगंज पुलिस से भी
तफ्तीश में मदद मांगी गई है। बस मालिक के परिजनों ने तपन की हत्या करके वॉल्वो बस लूटने
का आरोप लगाया है। वारदात के बाद से ही बस गायब है। इस बीच परिजनों की शिकायत के आधार
पर पुलिस ने बस के ड्राइवर संतोष कुमार,
 बोबी और हेल्पर संजय को हिरासत में ले लिया है। गोपालगंज के एसपी आनंद
कुमार ने कहा कि बस मालिक तपन के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। साथ ही हर
पहलू पर पुलिस जांच कर रही है।

4 ट्रकों को बेच कर खरीदी थी
वॉल्बो बस, आखिरी बार पत्नी से हुई थी मोबाइल पर बात

तपन ने 4 ट्रकों को बेचकर एक
वॉल्वो बस खरीदी थी। बस पूर्णिया से दिल्ली के बीच चलती थी। बस मालिक के भाई
निशांत कुमार ने बताया कि घटना के दिन बस को मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाने के भीत
कोईया कल्याणपुर का रहने वाला ड्राइवर संतोष कुमार चला रहा था। कांटी में
राजस्थानी पंजाबी ढाबे के पास खाने के लिए बस रुकी थी। वहां से बस मालिक ने अपनी
पत्नी से मोबाइल पर आखिरी बार बात की थी। बस गोरखपुर होते हुए दिल्ली तक पहुंच गई।
हालांकि तपन नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने कांटी थाने में लापता होने की सूचना
देते हुए हत्या की आशंका जताई थी।

कब्र खोद कर निकाला गया शव

रहस्यमय तरीके से लापता बस
मालिक की तलाश के लिए उसके परिजनों ने दिल्ली से लेकर पूर्णिया तक तपन का पोस्टर
चिपकाया। आखिरकार अग्यात मृतक की पहचान होने पर परिजनों ने गोपालगंज पहुंच कर डीएम
डॉ. नवल किशोर चौधरी से मुलाकात की। फिर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित कर
कब्र से शव को बाहर निकालने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।