तेजस्वी व अन्य विपक्षी नेताओं ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, जातीय जनगणना पर हुई बात

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पटना
डेस्क।
जातीय आधार पर जनगणना नहीं कराने को
लेकर केंद्र सरकार के हालिया फैसले को लेकर देशभर में मचे सियासी धमासान के बीच
शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। विधान सभा स्थित मुख्यमंत्री के कक्ष में
हुई मीटिंग में जातीय जनगणना पर बातचीत हुई। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से इस मसले को
लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने या कर्णाटक की तरह राजकोष से जनगणना कराने की
बात कही। सीएम से मिलने के लिए तेजस्वी यादव के साथ उनके बड़े भाई और विधायक तेजप्रताप यादव, कांग्रेस के विधायक दल के नेता अजित शर्मा और लेफ्ट के विधायक थे।

सीएम
सहमत, पीएम से मिलेगा सभी दलों का डेलिगेशन – तेजस्वी

मीडिया
से मुखातिब तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात में जातीय
जनगणना के सिलसिले में बातचीत
हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार कहते रहे हैं कि वे जातीय जनगणना के पक्ष में हैं।
इसको लेकर विधान सभा से दो बार सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया था। पर केंद्र
सरकार ने मना कर दिया। ऐसे में जातीय
जनगणना कराएगा कौन? इसलिए बिहार विधान सभा
के मान-सम्मान के लिए हम सभी लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलकर ये प्रस्ताव रखा कि वे सारे दल का एक डेलिगेशन बनाकर प्रधानमंत्री से मिले। इस संबंध में
बातचीत करने के लिए पीएम से समय
लें। इस पर मुख्यमंत्री ने भी सहमति
जताई है।

कर्णाटक
की जातीय जनगणना पर भी हुई चर्चा

नेता
प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बताया कि कर्णाटक राज्य की तरह जातीय जनगणना कराने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं
है। सुझाव मिलने के बाद उन्होंने डॉक्यूमेंट मंगाए हैं कि वहां कैसे जनगणना हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सारी चीजों को देख लेते हैं। इसमे क्या हो सकता है,
वह भी दिखवा लेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा
कि कभी आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव इस मांग
को लेकर कड़ी धूप में सड़कों पर निकले थे।
आज भी सभी दल मिल कर इस लड़ाई
को सड़क पर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह जानकारी
केवल सरकार को ही नहीं बल्कि
बिहार और देश के नागरिकों को भी होनी चाहिए कि किसकी कितनी आबादी है। तभी उनके उत्थान के लिए योजनाएं बन पाएंगी।