डकार गया 48 करोड़ लोन : प्राइवेट कंपनी व निदेशकों के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी

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पटना
डेस्क।
बिहार में फूड प्रोडक्ट की फैक्ट्री
खोलने के नाम पर बैंक से करीब 48 करोड़ (47.97 करोड़) रुपए लोन लेकर डकारने के
मामले में शुक्रवार को सीबीआई ने दिल्ली बेस्ड एक कंपनी व उसके निदेशकों के आधा
दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। आरोपी कंपनी आम्रपाली बायोटेक इंडिया
प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस दिल्ली के कालकाजी के गोविंदपुरी एरिया में हैं। कंपनी
के ऑफिस के अलावा निदेशकों सुनील कुमार, सुधीर कुमार चौधरी, राम विवेक सिंह, सीमा
कुमारी और सुनीता कुमारी के गाजियाबाद के वैशाली व इंदिरापुरम स्थित आवासीय व अन्य
जगहों पर भी सीबीआई की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। सीबीआई मुख्यालय (दिल्ली) के मुताबिक
तलाशी के दौरान कई तरह के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। तलाशी व आरंभिक जांच पूरी होने
के बाद और बातें स्पष्ट होंगी।

राजगीर
व नावानगर में फैक्ट्री लगाने के नाम पर दिया चकमा

सुनियोजित
साजिश के तहत करोड़ों के लोन के गबन को अंजाम दिया गया। दरअसल शातिरों ने राज्य के
नालंदा जिले के राजगीर और बक्सर के नावानगर में फूड फैक्ट्री लगाने की बात कही।
वहां से जैम, सॉश, पिकल्स, कॉर्न फ्लेक्स आदि का प्रोडक्शन करने की बात कहते हुए
लोन को स्वीकृत कराया गया। फिर लोन लेकर सभी डकार गए।

सीबीआई
की पटना यूनिट में दर्ज हुआ था एफआईआर

मुजफ्फरपुर
के छोटी सरैयागंज के तिलक मैदान रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के सीनियर
मैनेजर जालंधर सिंह की शिकायत पर बीते 1 जुलाई को सीबीआई की पटना एसीबी यूनिट में
एफआईआर दर्ज की गई है। लोन की राशि तब ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से ली गई थी। कुछ
समय पहले उस बैंक का विलय हो गया था। बहरहाल सीबीआई पटना के हेड व एसपी अभिषेक
शांडिल्य ने इस मामले में जांच की जिम्मेवारी इंस्पेक्टर (एसीबी) अमित कुमार को दी
है।