मानव व्यापार रोकने को ट्रेनिंग का आयोजन, बोले डीएम – नाबालिग बच्चों से काम कराने वालों पर होगी सख्ती

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पटना
डेस्क।
पूर्वी चंपारण की बाल संरक्षण इकाई द्वारा
शुक्रवार को डीआरसीसी भवन में मानव व्यापार के रोकथाम हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण व क्षमतावर्धन
कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि डीएम शीर्षत
कपिल अशोक ने कहा कि मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा
रहे हैं। महिलाओं या नाबालिग बच्चों से जबरन काम कराने वालों के खिलाफ सख्त
कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अफसरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि यौन शोषण मामले
में शामिल व्यक्तियों के साथ ही बाल मजदूर को चिन्हित कर प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई
सुनिश्चित करें। इससे पूर्व डीएम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

डांस
ग्रुप में नाबालिग बच्चों को किया जा रहा जबरन शामिल

डीएम
ने कहा कि बॉर्डर क्षेत्रों में डांस ग्रुप में महिलाओं व नाबालिग बच्चों को जबरन शामिल
किया जाता है। ऐसे जघन्य अपराध में संदिग्धों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने का
निर्देश सभी थानाध्यक्षों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि असहायों की मदद कर नारकीय
जिंदगी को बचाएं। बाल श्रम मुक्त समाज हम सब की जिम्मेवारी है। सुरक्षित बचपन हर
बच्चे का अधिकार है। मानव व्यापार के लिए धारा 370 के तहत 10 वर्षों से लेकर आजीवन
जेल तक की सजा है। डीएम ने लोगों से आह्वान किया कि अगर आपकी जानकारी में ऐसी घटना
हो रही हो तो 1098 पर कॉल करके सूचना दें। आपकी पहचान गुप्त रहेगी ।

बच्चों
ने नाटक के जरिए दिया बड़ा संदेश

महिलाओं, नाबालिग बच्चों व व्यक्तियों की तस्करी के खिलाफ इस साल 2021
पर विश्व दिवस की थीम “पीड़ितों की आवाजें नेतृत्व करतीं हैं” पर लघु
फिल्म के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई। रक्सौल के डंकन हॉस्पिटल के  कलाकारों
और मोतिहारी के बाल सुधार गृह के बच्चों द्वारा मानव तस्करी से संबंधित नाटक की
प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया गया। जल-जीवन-हरियाली
कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए जिले में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण पर बल दिया
गया।

डीएम
ने जागरुकता रथ को दिखाई हरी झंडी

अरेराज
चाइल्ड लाइन सब सेंटर व आइडिया संस्था द्वारा संचालित जागरूकता रथ को डीएम ने हरी
झंडी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर एएसपी अभियान, एएसपी
सदर, सिविल सर्जन,  एसएसबी
कमांडेंट,  डीपीओ
(आईसीडीएस), जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी व अन्य अफसर भी उपस्थित थे।