A-1 श्रेणी में 75वां स्थान प्राप्त करने वाला दरभंगा रेलवे स्टेशन की स्थिति और भी बदहाल

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दरभंगा/ संवाददाता-

रेलवे का खजाना भरकर ए– वन दर्जा हासिल करने वाले दरभंगा जंक्शन पर विभाग ने दर्जे के अनुरूप सुविधा तो नहीं दी, लेकिन गंदे स्टेशनों की सूची में इसे सिरमौर बना दिया। दरसल साफ़– सफाई के लिहाज से देश के रेलवे स्टेशनों की स्थिति के बारे में नई दिल्ली में सुरेश प्रभु ने सर्वे रिपोर्ट जारी की है। रेल परिचालन की व्यस्तता और यात्रियों की संख्या के हिसाब से A-1 श्रेणी में 75 रेलवे स्टेशन शामिल थे। जिसमे विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन को सबसे साफ़– सुथरा रेलवे स्टेशनों में टॉप पर रखा गया है तथा इसी सर्वे में बिहार के मिथिलांचल की राजधानी कहे जाने वाले दरभंगा जंक्शन को सर्वाधिक गंदे होने के कारण आखिरी पायदान मतलब 75 वें स्थान मिला है। राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में सबसे गंदे स्टेशनों में दरभंगा का नाम अव्वल आते ही जिलावासियों का सिर शर्म से झुक गया। विभागीय लापरवाही तथा आम यात्री की स्वच्छता के प्रति गैर संजीदगी ने इस स्थिति में पूरे जिला के रेल यात्रियों को ला खड़ा किया है। रेलवे ने यहां की कमाई को देखते हुए विभाग का सबसे बड़ा दर्जा दरभंगा जंक्शन को प्रदान कर रखा है, लेकिन ग्रेड के अनुरूप सुविधा की व्यवस्था अभी तक नहीं मिल पाई है। इसके प्रति अधिकारियों से लेकर मंडल तथा मुख्यालय स्तर तक के पदाधिकारी सीधे तौर पर जवाबदेह हैं। यहां तक की घटिया रैंकिंग मिलने के बाद भी बुधवार सुबह जब दरभंगा रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो रैंकिग के हिसाब से स्टेशन पूरा खरा उतरा, चारो तरफ गंदगी का अंबार लगा था, आवारा पशु दरभंगा स्टेशन को अपना आशियाना बनाकर लोगों को परेशान कर रहते थे, शौचालय और पेय जल की स्थिति भी ठीक नही थी । वहीं गंदगी में सबसे भद्दा ग्रेड मिलने से निराश यात्रियों ने इसके लिए विभाग के साथ आम यात्रियों को भी दोषी माना है। इस मुद्दे पर जब हमने आम यात्री से बात की तो सभी ने एक स्वर में कमोबेश यही बात कही कि स्वच्छता के प्रति विभाग को तत्पर होना होगा, साथ ही साथ आम यात्रियों को भी जागरूक बनना पड़ेगा। दोनों के सहयोग से ही अपना जंक्शन चकाचक हो सकेगा और सबसे गंदे स्टेशन होने का जो धब्बा लगा है वो मिट सकेगा।