राज्यसभा का टिकट मिलने से मनोज झा के पैतृक घर में खुशी का माहौल

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – राजद के वरिष्ठ नेता सह राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा को राजद से राज्य सभा का टिकट मिलने से उनके पैतृक घर सहरसा में खुशी का माहौल है। यहाँ के लोगों खास कर युवा वर्ग में काफी उत्साह है और यही वजह है कि नामों के घोषणा होते ही यहाँ अबीर-गुलाल एक दूसरे को लगा कर लोगों ने अपने खुशी का इजहार किया। साथ ही युवा राजद के राष्ट्रीय सचिव अजय सिंह इसके लिये राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव एवं प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव को साधुवाद देते हुये कहा कि अब गरीबों मजलूमों की आवाज बनकर मनोज झा देश के सर्वोच्च पंचायत में अपनी विद्वता, ओजस्विता एवं प्रखरता से बिहार के साथ ही सहरसा का सम्मान बढ़ायेंगे।

दरअसल मनोज झा का बचपन सहरसा के गलियों में ही बीता है। इनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा यहीं पर हुई। इन्होंने जिला स्कुल से मैट्रिक करने बाद आगे की पढ़ाई के लिये पटना के साइंस कॉलेज फिर वहां से आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। वहीँ से पढ़ाई पूरा करने के बाद डीयू में सामाजिक कार्य विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हो गये। इनका राजनीतिक एवं पारिवारिक पृष्टभूमि रही है। इनके चाचा स्व.प.रमेश झा कांग्रेस शासनकाल के मंत्री रह चुके हैं। इनकी पारिवारिक पृष्टभूमि भी शिक्षाविदों की रही है। इनके पिता प्रो. जवाहर झा एवं माता प्रो. माधुरी झा स्थानीय कॉलेज में प्राध्यापक के रूप में कार्य कर चुके हैं। यही वजह है कि इन्होंने अपनी विद्वता और वाकपटुता से बहुत कम समय में ही राजद राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में देश में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे और उसी का परिणाम है कि आज इनको राजद बहुतों उम्मीदवारों को दरकिनार करते हुये राजयसभा के लिये अपना प्रत्याशी बनाया है। जो राजनीतिक दृष्टिकोण से आगामी चुनाव में इस कोशी क्षेत्र व सीमांचल के राजनीति को प्रभावित करने में कामयाब रहेंगे।

मनोज झा के बचपन के मित्र राजीव रंजन उर्फ़ मुन्ना भी काफी उत्साहित हैं। इनकी मानें तो जब कभी भी वो सहरसा आते थे तो व्यस्तता के बावजूद उनके साइकिल की दुकान पर मिलने व कुशलक्षेम पूछने अवश्य पहुंचते थे। राजयसभा के लिये उम्मीदवारों की घोषणा से यहाँ के लोग खासे उत्साहित हैं और यही वजह कि लोग एक साथ होली व दीवाली मना रहे हैं।
 

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक मनोज झा को उम्मीदवार बनाकर लालू यादव ने ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश की है। उन्हें तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है। झा मीडिया में राजद और लालू परिवार की तरफ से कई मौकों पर उनका बचाव करते देखे गए हैं। लालू ने मनोज झा को उम्मीदवार बनाकर राज्य में नए सियासी समीकरण के संकेत दिए हैं। आम तौर पर राजद को यादवों और मुसलमानों की पार्टी कहा जाता है।