जीएसटी के विरोध में अनिश्चितकालिन हड़ताल पर अधिवक्ता

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जहानाबाद – जहानाबाद और अरवल के आयकर अधिवक्ता जीएसटी के विरोध में अनिश्चितकालिन हड़ताड़ पर चले गये हैं। हड़ताल पर गए अधिवक्ताओं ने बताया कि जीएसटी सॉफ्टवेयर जो कि जीएसटी कर प्रणाली का मूल आधार है इसमें कई तकनीकी त्रुटियां है। जीएसटीआर एक फॉर्म पूर्ण रूप से तैयार नहीं होने के कारण ही टेम्पररी टैक्स कैलकुलेशन टेम्पलेट जीएसटीआर फॉर्म तीन बी दिया गया है उस पर फाइन लगाना न्यायोचित नहीं है। रिटर्न सबमिट हो जाने के उपरांत ही सॉफ्टवेयर में पता चलता है कि रिटर्न फाइलिंग के दौरान कोई लिपिकीय भूल हुयी है या नहीं। इस भूल की सुधार की कोई व्यवस्था जीएसटी एक्ट में नहीं दी गयी है। इस कारण व्यापारियों को सिर्फ लिपिकीय भूल के कारण बड़ा टैक्स दायित्व का निर्वहन करना पड़ रहा है जो न्यायोचित नहीं है।

ज्ञापन में अंकित है कि भूल सुधार का मौका ईश्वर के द्वारा भी प्रदान किया जाता है परंतु जीएसटी कानून में भूल सुधार का कोई प्रावधान नहीं है जो कि न्यायोचित नहीं है। इसके अलावा सॉफ्टवेयर एवं सर्वर की गड़बड़ी के कारण और कई तरह के कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अन्ततः इन समस्याओं से ऊबकर सभी टैक्स कन्सल्टैन्ट, एडवोकेट एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट ने निर्णय लिया है कि जीएसटी एक्ट के तहत काम संभव नहीं है। अतः इन सभी ने काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। जीएसटी रिटर्न फाईलिंग में होने वाले समस्याओं के संबंध में जहानाबाद एवं अरवल जिले के आयकर अधिवक्ताओं ने टैक्स कन्सल्टेन्ट एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट के द्वारा वाणिज्य कर सहायक आयुक्त नरेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन दिया जिस पर अपनी मुख्य मांगो पर विचार करने का अनुरोध किया। साथ ही ज्ञापन में माँग की गयी है कि स्टेट जीएसटी एवं सेंट्रल जीएसटी के कार्यालय में रिटर्न फाइलिंग फैसिलिटेशन सेंटर खोलने की व्यवस्था की जाए ताकि टैक्स कन्सल्टेन्ट अन्य आवश्यक काम जैसे books of A/C, कर की गणना एवं अन्य दायित्वों का निर्वहन कर सकें क्योंकि जीएसटी कानून के तहत लेखा पुस्तिका रख रखाव भी आवश्यक है। शहर के टैक्स अधिवक्ता राजी कुमारी, अनिल कुमार मिश्रा, रमेश प्रसाद, मनोज कुमार सिन्हा, अमिताभ प्रियदर्शी, रंजन कुमार, विनय कुमार, विमल कुमार, विवेक सिंह, सुभाष कुमार, निशी सिन्हा, संतोष कुमार एवं सीए प्रदीप लाल पवन के द्वारा वाणिज्य कर सहायक आयुक्त नरेन्द्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।