राज्यपाल को राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने कृषि-शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण आदि के बारे में सविस्तार जानकारी दी

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पटना – राज्यपाल-सह-कुलाधिपति सत्य पाल मलिक को आज राजभवन सभागार में डाॅ॰ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपतियों ने अपने विश्वविद्यालय के अन्तर्गत संचालित कृषि-शिक्षा, शोध एवं प्रशिक्षण-कार्यक्रमों सहित अन्य गतिविधियों के बारे में ‘पावर प्रेजेन्टेशन’ के जरिये जानकारी दी।

प्रस्तुति (प्रेजेन्टेशन) बैठक के दौरान राज्यपाल मलिक ने दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा कि ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए कि विश्वविद्यालयों की प्रायोगिक भूमियों (Experimental Plots) की पैदावार एवं किसानों की जमीनों की वास्तविक पैदावार में अधिक अंतर नहीं हो। मलिक ने सुझाव दिया कि राज्य में धान, गेहूँ, दलहन, तिलहन आदि फसलों की पैदावार बढ़ाये जाने के साथ-साथ, मक्का, चना, मशरूम, हल्दी, आदी, तीसी, मखाना जैसी फसलों की ‘Value edition’ पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने समेकित कृषि (Integrated farming) की शिक्षा, शोध एवं प्रशिक्षण पर भी विशेष प्रयासों की आवश्यकता बताई। राज्यपाल ने कहा कि वे अगले महीने से कृषि विश्वविद्यालयों में जाकर वहाँ की शिक्षा-व्यवस्था, उपकरण-संधारण, प्रयोगशाला, बीज-विकास, कृषि-उत्पादन के तौर-तरीकों आदि को देखना चाहेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान बिहार की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। बाढ़ एवं सुखाड़ की आपदाओं से कृषि को बचाते हुए किन फसलों की पैदावार बेहतर रूप में प्राप्त की जा सकती है, इसपर कृषि-वैज्ञानिकों एवं कृषि विश्वविद्यालयों को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाद्य-प्रसंस्करण पर ध्यान देते हुए हम कृषि-विकास के सार्थक प्रयास कर सकते हैं। राज्यपाल ने ‘तीसरे कृषि रोड मैप’ के बिहार में शुभारंभ के बाद इसके कार्यान्वयन में कृषि विश्वविद्यालयों के भरपूर सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में प्रेजेन्टेशन के जरिये दोनो कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों की आधारभूत संरचना, शिक्षा, शोध एवं उपलब्धियों तथा विशेष रूप से विकसित नई प्रजाति के बीजों एवं कृषि-उपकरणों आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक संचार संसाधनों का उपयोग करते हुए वे कृषकों को वीडियो-क्राॅन्फेंसिंग, सामुदायिक रेडियो, विभिन्न एप्स, मोबाईल आदि के जरिये कृषि की आधुनिक प्रणाली से अवगत करा रहे हैं तथा मौसम की भविष्यवाणी, भूमि की गुणवत्ता जाँच, फसल रोगों से बचाव आदि के उपायों के बारे में भी नियमित जानकारियाँ दे रहे हैं।

दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अतिरिक्त निदेशक प्रसार-शिक्षा डाॅ॰ आर॰के॰ सुहाने ने भी राज्यपाल को बिहार में कृषि-शिक्षा के विकास के बारे में विस्तार से अवगत कराया। बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा तथा दोनों विश्वविद्यालयों एवं राज्यपाल सचिवालय के वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे।