अब गोंद के पेड़ों से निकलेगा हवाई जहाज का ईंधन !

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Airbus A380

विश्व में तेल के भंडारों की कमी नहीं है। इसके बावजूद विमान के जो ईंधन चाहिए उस पर खतरा मंडराता जा रहा है और इनका ईंधन भी सीमित है। कहा जा रहा है कि बढ़ती आबादी और आए दिन विमान सेवाओं की उपलब्धता के कारण ईंधन की कमी जल्दी ही होने वाली है। ऐसे में विमानों के वैकल्पिक ईंधन के लिए वैज्ञानिकों ने एक नया रास्ता खोज निकाला है।

वैज्ञानिक जल्द ही इसका समाधान निकालने का दावा कर रहे है। कहा जा रहा कि एक खास किस्म के पेड़ों के जरिये इसका समाधान निकल सकता है और हवा में उड़ने वाले विमान के लिए ईंधन का उत्पादन भी हवा में पेड़ों की डालियों पर किया जा सकता है।

दरअसल ऑस्ट्रेलिया के गोंद के पेड़ों का इस्तेमाल कम कार्बन उत्सर्जन वाले अक्षय ईंधन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इससे विश्व विमानन उद्योग के पांच फीसदी जेट विमानों के लिए ईंधन की व्यवस्था हो सकती है।

द ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) के प्रमुख अनुसंधानकर्ता कार्स्टन कुलहेम के मुताबिक अगर हम लोग विश्व भर में दो करोड़ हेक्टेयर में युक्लिप्टस लगाये, जितना वर्तमान में पल्प और कागज के लिए लगाया जाता है तो हम लोग विमानन उद्योग के पांच फीसदी के लिए पर्याप्त जेट इर्ंधन का उत्पादन कर सकेंगे। इस अध्ययन का प्रकाशन ट्रेंड्स इन बायोटेक्नोलॉजी में किया गया है।