कैमूर के एक विद्यालय में बच्चों के क्लास के पढ़ाई के साथ-साथ ज्ञान बगीचा का भी निर्माण, शिक्षकों ने अपने निजी फंड से किया तैयार

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kaimur: जिले में एक विद्यालय बिहार का रोल मॉडल बन रहा है. विद्यालय में बच्चों के क्लास के पढ़ाई के साथ-साथ ज्ञान बगीचा का भी निर्माण कराया गया है. जहां विद्यालय कैंपस के बगीचे में गणित के सूत्र, विज्ञान के सिद्धांत, हिंदी व्याकरण का समास, संधि अब सारा कुछ ज्ञान बगीचा में लगे लोहे के सिलापट पर दिखाई देगा. जिससे बच्चों का बौद्धिक क्षमता बढ़े और खेल-खेल में वह सीख सके. ज्ञान बगीचा लॉकडाउन की अवधि में शिक्षकों ने अपने निजी फंड से तैयार किया है. बच्चों को पढ़ाई बोझ नहीं लगे इसलिए यह ज्ञान बगीजै बनाया गया है.

कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कटरा कला के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार के मेहनत से लॉक डाउन के अवधी में तैयार करवाया है. ज्ञान बगीचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएं इसके लिए सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग होती है. जिलाधिकारी ने भी ज्ञान बगीचे को सराहा है. विद्यालय के पूरे कैंपस में फूल पौधों के साथ-साथ पहली क्लास से दसवीं क्लास तक के बच्चों को सीखने के लिए सभी विषयों के साथ-साथ सामान्य ज्ञान की भी जानकारियां बोर्ड पर अंकित किया गया है.

प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार बताते हैं जिलाधिकारी के प्रेरणा से हम लोगों ने डेढ़ साल पहले फूल और पौधे लगाना शुरू किया था, लेकिन जब लॉकडाउन हुआ तो हम लोगों ने ज्ञान बगीचे लगाने के लिए सोचे. जहां हम सभी शिक्षक अपने निजी फंड से फूल पौधों के पास बच्चों को सिखने के लिये जानकारियां लोहे के छोटे-छोटे पट्टी पर लिखकर लगा दिए हैं. बच्चे अगर बगीचे में घूमते हैं तो पौधे के साथ उनके क्लास रूम की पढ़ाई भी सामने होती है. बगीचे में जगह-जगह बोर्ड के माध्यम से विभिन्न आकृतियां भी बनाकर लगा दी गई है. यह हम सभी शिक्षकों के मेहनत का नतीजा है. विद्यालय प्राइमरी से लेकर दसवीं तक चलती है. लगभग पंद्रह सौ बच्चों का नामांकन विद्यालय में है.

कैमूर जिला अधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ज्ञान बगीचे की सराहना करते हुए शिक्षकों को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य से बच्चों का विकास होगा. बच्चों को पढ़ाई बोझ नहीं लगेगा और वह खेल खेल में भी बहुत कुछ सीखेंगे.