बिहार में सीएम के कहने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं होता !

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सहरसा – आज भी बिहार में सीएम के कहने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं होता! जी हाँ, ऐसा ही हुआ बिहार के सहरसा में जहां भोजपुरी फिल्म स्टार रॉकी की हत्या के बाद पुलिस ने पहले तो हत्या वाले दिन ही यूडी केस कर दिया और परिजनों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया।

जब इस हत्या की जानकारी छातापुर के विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू को मिली, तब वे रॉकी के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन सब ने अपनी आपबीती विधायक को सुनाई। विधायक परिजनों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलाने पहुंचे और ये बात उनसे कही। मुख्यमंत्री ने तत्काल डीजीपी को इस बाबत निर्देश दिए। डीजीपी ने तुरंत एसपी अश्विनी कुमार से कहा पर एसपी ने केस दर्ज नहीं किया। जब विधायक को पता चला कि केस दर्ज नहीं हुआ तो उन्होंने फिर से डीजीपी को ये बात कही तब जाकर कहीं केस दर्ज हो पाया। इसका मतलब तो ये ही हुआ कि मुख्यमंत्री के कहने पर भी एसपी को दो बार एक ही बात के लिए कहना पड़ा। और तो और अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

छातापुर के बीजेपी विधायक नीरज कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि 15 सितम्बर को एक भोजपुरी फ़िल्म अभिनेता रॉकी का मर्डर हो गया था जिसका परिवार सहरसा में रहता है। जबकि सहरसा पुलिस ने यूडी केस करते हुए लाश को लावारिस घोषित कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे रॉकी के परिवार वाले जब थाने का चक्कर लगा थक गए तब वे उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले और सीएम ने डीजीपी को मामले को देखने के लिए कहा। विधायक ने बताया कि डीजीपी के दो बार कहने पर सहरसा थाने में रॉकी मर्डर केस का मामला दर्ज हुआ।

विधायक ने कहा कि आज अभियुक्त खुलेआम घूम रहा है और पुलिस के साथ घूमते देखा जा रहा है जबकि रॉकी का परिवार आज रोड पर अपने बेटे, भाई की मौत के लिए न्याय मांग रहा है, सहरसा रोड को जाम कर आंदोलन, हंगामा कर रहा है। इससे सरकार की बदनामी हो रही है। कुछ अधिकारियों के कारण सरकार की बदनामी होती है। हमलोगों की मांग है कि जल्द से जल्द नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी हो, साथ ही ऐसे अधिकारी पर भी कार्रवाई हो।

परिजन इतने परेशान हैं कि थक हार कर उन्होंने आज अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर सड़क जाम किया और रॉकी की बुर्कानशी बहनें जो आज तक घर से इस तरह बाहर नहीं निकली थीं, आज सड़क पर बैठ रो-रोकर भाई के हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए गुहार लगाते रहीं।

‘भोजपुरिया बादशाह’ फिल्म के नायक जुनैद उर्फ रॉकी के हत्यारे की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों के द्वारा आज लगभग चार घंटे तक रोड जाम कर आगजनी और उग्र प्रदर्शन किया गया। बताते चलें कि पिछले 15 सितम्बर को दिन के 3 बजे परिजनों को अचानक फोन आया था कि रॉकी की सदर थाना के धमसैनी स्थित एक पोखर में डूबने की खबर है।

परिजनों और रॉकी के चाहने वालों ने वारदात के स्थान पर पहुँचकर पोखर से रॉकी को निकालकर बगल के एक निजी हॉस्पिटल में पहुँचाया था इलाज के लिये परन्तु डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। वहीं 17 सितम्बर को पुलिस सुरक्षा के बीच रॉकी के शव का पोस्टमार्टम कराकर प्रशासन ने परिजनों को शव सुपुर्द किया था।

सदर थाना पुलिस ने आनन-फानन में UD केस दर्ज कर खानापूर्ति करने की कोशिश की थी। वहीं मृतक के परिजन का कहना है कि 17 सितम्बर से आवेदन लेकर थाना का चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई पुलिस वाला उनकी बातों को सुनने को तैयार नहीं था। अंत में उन्होंने SP, DSP, IG, DGP और मुख्यमंत्री से गुहार लगाईं और जब DGP का फ़ोन आया तब उनके आवेदन पर 21 सितम्बर को सदर थाने में मामला दर्ज किया गया। पर फिर भी कोई भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। केस के आईओ को अभी तक कागजात तक नहीं मिला है। परिजन बताते हैं कि आईओ तक का कहना है कि थाना प्रभारी कागज़ दबा कर बैठा है।

परिजन थाना प्रभारी भरत कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि वे केस को दबाने में लगे हैं। जिसके यहाँ हत्या हुई है, उसके यहाँ पुलिस एक दिन भी नहीं आई और आरोपियों के यहाँ उनका चाय-नास्ता चलता है। परिजन सहरसा एसपी और थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वे धन्यवाद करते हैं जिनके पास वे गुहार लेकर गए और केस दर्ज हुआ। लेकिन उसके बावजूद अपराधी सरेआम सहरसा में घूम रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि सहरसा एसपी की बहुत सारी शिकायतें उनके पास आईं हैं।

बहने चांदनी, रूबी और घर की अन्य महिलाएं सड़क पर हैं, आरोप लगा रही हैं कि आरोपियों के साथ थाना प्रभारी की सांठ-गांठ है। बहनें कह रही हैं कि हमारे घर से महिलाएं बाहर नहीं निकलती, आज हम सड़क पर हैं। बहनें रो-रो कर कह रही हैं कि सरकार और पुलिस हमारी बात सुन नहीं रही जिसके चलते हमें सड़क पर आना पड़ रहा है।

परिजन मोहम्मद जावेद कहते हैं कि रॉकी की हत्या को पुलिस यूडी केस में दर्ज कर रफा-दफा करने में लगी थी। थानाप्रभारी अभियुक्त के घर नास्ता-पानी करता है। हमलोगों की मांग है कि पांचों नामजद अभियुक्त की जल्द गिरफ्तारी हो। इस केस का जिसको आईओ बनाया गया है, उसको अभी तक केस का कोई कागजात नहीं दिया गया है।

एक अन्य परीजन कहते हैं कि थानाप्रभारी ने यूडी केस दर्ज कर दिया जबकि यूडी केस लावारिश के लिए लगाया जाता है। जबकि रॉकी का पूरा परिवार सहरसा में रहता है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार थानाप्रभारी और एसपी को बर्खास्त नहीं करेगी तब तक धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए नहीं तो हम धरना-प्रदर्शन नहीं छोड़ेंगे।

हालांकि प्रदर्शन के समय मौजूद दरोगा प्रभाकर तिवारी ने कहा कि पुलिस केस अनुसंधान कर रही है, अभी इसकी जांच चल रही है।

रॉकी केस

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