प्रमोद सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ लोक जनशक्ति पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

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औरंगाबाद – पिछले दिनों 30 सितंबर को लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुनील कुमार पांडेय द्वारा रफीगंज के प्रत्याशी रहे प्रमोद सिंह के मगध प्रभारी पद को लेकर उठाये गए सवाल के बाद पार्टी के अंदर की राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गयी थी। लगातार घटित कई घटनाक्रम के बाद आज प्रमोद सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ लोक जनशक्ति पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। आज अपने आवास पर पार्टी के सदस्यों के साथ बैठक कर सिंह ने यह निर्णय लिया और मीडिया को इस बात की जानकारी दी।

सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि बराबर उनके द्वारा अपने निजी कार्यों के लिए मोटी रकम की मांग की जाती थी और नहीं देने के एवज में एक साजिश के तहत मुझे बदनाम करने एवं पार्टी में मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जाने लगी और औरंगबाद में 30 सितंबर को हुई कार्यकर्ता सम्मेलन उसकी अंतिम कड़ी के रूप में थी। सिंह ने कहा कि उक्त बैठक की उन्हें जानकारी तक नहीं दी गयी और एक कार्यालय के रहते बिना किसी सूचना के दूसरे कार्यालय का उद्घाटन कराया गया। प्रदेश अध्यक्ष से मैंने 14 अगस्त को मुलाकात करने की कोशिश की तो उन्होंने मिलने से भी इंकार कर दिया। मेरे द्वारा पार्टी एवं कार्यकर्ताओं के मान सम्मान को लगातार बढाते रहने का कार्य किया गया। जिसके कारण ही औरंगाबाद में पार्टी का जनाधार भी बढ़ा।

प्रदेश अध्यक्ष की उदासीनता से उनकी भावनाएं काफी आहत हुई और उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। क्योंकि जहां पार्टी के वरीय नेता अपनी जमीर का सौदा करने लगे वहां रहना अब गवारा नही था। प्रदेश अध्यक्ष के आचरण एवं व्यवहार से उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचा है और ऐसी स्थिति में पार्टी से इस्तीफा देने के अलावे दूसरा कोई विकल्प नही था। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देकर काफी सुकून महसूस कर रहा हूँ और अब खुलकर जनता की समस्याओं के लिए सड़क पर आंदोलन करूंगा। अगली रणनीति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल निर्दलीय रहकर जनता की सेवा करने की ही इच्छा है।