निलंबित पुलिसकर्मियों को नहीं मिलेगा थाना – एसपी

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औरंगाबाद – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सूबे में क़ानून व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर राज्य के वरीय अधिकारीयों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए जाने के बाद इस मामले को धरातल पर उतारने एवं जिले में अपराधिक घटनाओं की रोकथाम को लेकर औरंगाबाद पुलिस भी सख्त हो गयी है। इस सम्बन्ध में एसपी डॉ. सत्य प्रकाश ने बताया कि जिले में विधि-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत में बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कितना भी पहुँच और पैरवी वाला क्यों न हो। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी, मुहर्रम एवं दुर्गापूजा को देखते हुए सभी थाने के अधिकारी अपने-अपने थानों के संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर शान्ति व्यवस्था बहाल करने में किसी भी प्रकार का कोताही नहीं बरतें यदि जरुरत पड़े तो भादवि की सुसंगत धाराओं का प्रयोग कर त्यौहार में शांतिपूर्ण माहौल को स्थापित करने की कोशिश करें।

एसपी ने कहा कि जिले के जितने भी थाने हैं सभी थानों के अधिकारी या थानाध्यक्ष निर्धारित समय में लंबित कांडों का निष्पादन करें जिसकी निगरानी हर समय की जायेगी। कांडों के निष्पादन एवं क़ानून के तहत कार्य नहीं करने वाले अधिकारी निलंबित होंगे और उन्हें आगे से कोई थाना नहीं मिलेगा और थानाध्यक्ष की योग्यता रखने के बावजूद थानाध्यक्ष नही बन सकेंगे। उनका जोनल स्थानांतरण भी हो सकता है। एसपी ने बताया कि विभागीय कार्रवाई भी किसी प्रकार की कर्तव्यहीनता बर्दास्त नही होगी। अधिकारी त्योहारों के मद्देनजर सामाजिक सौहार्द बनाये रखने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें।

एसपी ने बताया कि जल्द ही सभी थानों को दो नई गाड़ियाँ उपलब्ध कराई जायेंगी और जहाँ बेसिक फोन नहीं हैं वहां फोन की व्यस्था होगी। थाने के सभी क्षेत्रों में 24 घंटें पेट्रोलिंग की व्यस्था फ्लक्स लाईट एवं सायरन के साथ की जायेगी जिसकी मॉनिटरिंग भी लगातार होगी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा लंबित काण्ड वाले थानाध्यक्षों पर कार्रवाई सुनिश्चित है। हिसा और कम्युनल मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाया जाएगा साथ ही साथ प्रत्येक थाने के जमीनी विवादों को सुलझाने के थानाध्यक्ष अंचलाधिकारी के साथ बैठक कर उसका निष्पादन करें।

एसपी ने कहा कि थाने के कार्य कुशलता का अनुश्रवण होगा और अपराध नियंत्रण, पेशेवर अपराधियों की गतिविधियां, पुलिस की गश्त, पुलिस प्रशिक्षण, सांप्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, महिला एवं छात्रावासों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, नक्सली गतिविधियों पर रोक, लूट, हत्या, अपराध, बलात्कार, रेल एवं बैंक डकैती, वाहन चोरी, वायरल वीडियो कांड, एससी/एसटी के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं सहित अनेक ज्वलंत मुद्दों पर जिले के समस्त पुलिस पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें की जायेंगी और एक स्वस्थ प्रशासनिक व्यवस्था मुहैया करने की दिशा में कार्य किये जायेंगे। एसपी ने बताया कि वारंटों का न्यायालय से मिलान कर निगरानी, प्रत्येक थाने में एक कम्प्यूटर ऑपरेटर और आईटी सेटअप की सुविधा, थाने में आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, थाना प्रभारी को सहयोग करने के लिए हर थाने में एक थाना मैनेजर, थाने में ऑनलाइन प्रविष्टियाँ करने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई अविलम्ब सुनिश्चित की जायेगी।