चिराग तले अंधेरा

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औरंगाबाद – कहते हैं दीपक तले अंधेरा, जी हां, यह कहावत औरंगाबाद जिले के दर्जनों गांव अथवा बस्तियों पर बिल्कुल सटीक बैठती है. कहने को तो यहां देश की सबसे बड़ी तापीय परियोजना एनटीपीसी, एपीजीसी, बीआरबीसीएल है पर इतना सब कुछ होने के बावजूद भी देश की आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी जिले के दर्जनों गांवों में आज भी अंधेरा कायम है. गांवों के विकास के लिए देश और राज्य की सरकारों के पास कई योजनाएं हैं लेकिन इन गांव के लोगों को सरकार की किसी भी योजना का लाभ नही मिल पाया है. बिजली से महरुम इस गांव के सैकड़ों ग्रामीण अंधेरे में जीने को मजबूर हैं. इतना ही नही ग्रामीणों की मानें तो इन गांव में बिजली ना होने से यहां के लोगों को बेटे की शादी करने में भी समस्या आती है. दूसरे गांव के लोग इन गांवों में अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहते हैं. यहां के लोग लड़की की शादी तो दूसरे गांव में कर देते हैं लेकिन लड़के के शादी में दिक्कत आती है.

इन गांव में नहीं पहुंची बिजली

जिले के मदनपुर, गोह, हसपुरा, देव प्रखंड के करीब एक दर्जन गांव में अब तक बिजली की किरण पाने को लोग लालायित है. मदनपुर प्रखंड के चरैया, मूरगड़ा, ललित नगर, बादन, कनौजी, सहजपुर, पचरुखिया, अम्बावार परी, कानीडीह. हसपुरा प्रखंड के टाल पंचायत के पचाइन बिगहा, अमझर सरीफ के चूल्हन बिगहा. गोह प्रखंड के नेमन बिगहा, विजय नगर, शीतलधारी बिगहा एवं देव प्रखंड के ढाबी सहित कई अन्य गांव में अब तक लोगों को बिजली मयस्सर नही हुआ है. लोगों की माने तो कुछ जगहों पर बिना तार के पोल खड़े हैं वहीं कुछ जगह पर लोगों को अब तक पोल का दर्शन भी नहीं हुआ है. ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेलते हुए सरकार और पूरे सिस्टम को कोस रहे हैं. राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की इस अनदेखी के कारण अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं.

पढ़ना चाहती है सोनी…

मदनपुर प्रखंड के चिरैया गांव की रहने वाली छात्रा सोनी कुमारी खूब पढ़ना चाहती है पर बिजली के अभाव में उसकी पढ़ाई बाधित होती है. सोनी ने बताया कि उसके गांव से कुछ दूरी पर बिजली से जल रही बल्बों की टिमटिमाती रोशनी दिखाई पड़ती है, पर उसे देख कर ही संतोष करना पड़ता है. ग्रामीण श्याम किशोर ने बताया कि अब तो सरकार महज डेढ़ लीटर किरासन तेल ही दे रही है ऐसे में अपनी जिंदगी अंधेरे मे गुजारनी पड़ती है. ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक पदाधिकारी कहते हैं कि जल्द ही बिजली आएगी पर कब आएगी इसका कोई अता-पता नहीं है. लोग बिजली की सुविधा का सालों से इंतजार कर रहे हैं.