सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी कर रहे हैं बैंक

1697
0
SHARE

पटना समाचार / संवाददाता -(Patna News) बिहार में ज्यादातर बैंक सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी कर रहे हैं। इन बैंकों की सुरक्षा की स्थिति ऐसी है कि कहीं निजी सुरक्षाकर्मी लगे हैं तो कहीं वह भी नहीं है। सबसे अधिक लापरवाही एटीएम सुरक्षा को लेकर है। जहां सीसीटीवी सर्विलांस का तर्क देकर बैंकों ने पहले तो सुरक्षा गार्ड को हटा लिया परंतु सीसीटीवी काम कर रहे हैं या नहीं, इसे देखनेवाला भी कोई नहीं है।

Read More Patna News in Hindi

अकेले राजधानी में कंकड़बाग, राजेंद्र नगर टर्मिनल, अशोक राजपथ, राजापुर इलाके के दर्जनों एटीएम में सीसीटीवी खराब पड़े हैं। कुल मिलाकर मात्र 30 फीसदी एटीएम पर ही गार्ड हैं। हर दस में 3-4 एटीएम के सीसीटीवी खराब पड़े हैं। कई बैंक अधिकारी इसे स्वीकार तो करते हैं परंतु इसके मेंटेनेंस के जिम्मेवारी थर्ड पार्टी की बता कर खुद को बचा रहे हैं। कई बार एटीएम से रुपए निकालते ग्राहकों के साथ लूटपाट की घटनाएं भी होती रही हैं। समस्या यह है कि जबतक कोई बड़ी घटना नहीं होती बैंक सक्रिय नहीं होता है। स्टेट लेवल बैंकर्स कमिटी की रिपोर्ट में भी इसपर चिंता जाहिर की है। बीते वित्तीय वर्ष केनरा बैंक की जमुई शाखा से किडनैपिंग हुई थी।

Read More Patna News

बिहार ग्रामीण बैंक की भागलपुर और सनहाउला शाखा में लूट हुई। 28 नवंबर को केनरा बैंक की सोसराय शाखा में भी दिनदहाड़े पूरी शाखा को बंधक बनाकर लूट हुई। बीते साल 24 फरवरी को एक्सिस बैंक की हाजीपुर और 27 अप्रैल को मुजफ्फरपुर में जबरदस्त डकैती हुई। इसके अलावा दर्जनों ऐसी घटनाएं हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था तो और बदतर है। उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के अधिकारी बताते हैं कि उनकी स्थिति सबसे खराब है। बैंक प्रबंधन बेहद गैर-जिम्मेदारी से काम कर रहा है। बिहार के करीब 1200 ग्रामीण बैंक शाखाओं का बड़ा हिस्सा इसी बैंक का है। इसके अलावा बिहार के बैंकों में ब्रांच के साथ ही कैश मूवमेंट लाठी वाले चौकीदारों के भरोसे हो रही है।

Read More Bihar News in Hindi

पंजाब नेशनल बैंक (बिहार- झारखंड) के महाप्रबंधक एसके मल्लिक ने बताया कि कई बैंक अपने खर्च बचाने के लिए एटीएम से सुरक्षा गार्ड हटा चुके हैं। परंतु सीसीटीवी अच्छे से चलता रहे यह उन्हें सुनिश्चित करना ही होगा। बैंकों की ओर से लापरवाही गंभीर मामला है। यूनाइटेड फोरम ऑफ रीजनल रूरल बैंक के संयोजक डीएन त्रिवेदी ने बताया कि बैंक का एटीएम हो या शाखाएं सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक हो गई हैं। बिहार में 1200 से अधिक ग्रामीण शाखाएं वन-मैन ब्रांच हैं। ग्राहकों के साथ ही कैश और बैंककर्मियों की सुरक्षा की घोर अनदेखी हो रही है। सबकुछ इंश्योरेंस के भरोसे छोड़ा गया है। कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।