अपराधियों के सामने पुलिस बनी बौनी,लगातार हो रही हत्या से जिले में दहशत

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बेगूसराय – पॉश इलाके में दिनदहाड़े एक महिला की गला रेतकर की गई हत्या से पूरे शहर में सनसनी का माहौल फैल गया। घटना रिफाइनरी थाना क्षेत्र के रिफाइनरी गेट नंबर 01 के समीप की है। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतका अमृता प्रीतम अपने पति एवं दो बच्चों के साथ तकरीबन 8 साल से रिफाइनरी गेट पर ही किराए के मकान में रहती थी। आज जब वह सुबह 9:00 बजे के आसपास चापानल से पानी लेने के लिए घर के पिछवाड़े गई इसी दौरान अपराधियों ने अमृता प्रीतम की गला रेतकर हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरु कर दी है।

बेगूसराय में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है इसका ताजा उदाहरण रिफाइनरी थाना क्षेत्र की यह घटना है। जहां एक महिला की दिनदहाड़े अपराधियों ने गला रेतकर हत्या कर दी। मृतका का पति एक किराना का दुकान चला कर अपना एवं अपने परिवार का जीवन यापन करता था। आज की जब पति सवेरे दुकान खोलने के लिए दुकान पर चला गया और मृतका अपने घर के पीछे बर्तन मांजने के लिए गई इसी दौरान अपराधियों ने अमृता प्रीतम को अपना निशाना बनाया जब अपनी मां को बहुत देर तक घर से बाहर बच्चों ने देखा तो फिर मृतका की पुत्री पिछवाड़े में अमृता को लहूलुहान अवस्था में लेटे देखा फिर दौड़कर व पिता को बुलाने गई जब मृतका का पति घर पहुंचा और पत्नी को इस अवस्था में देखा तो इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने लगा लेकिन तब तक सीताराम चौधरी को आभास हो गया कि अमृता की मौत हो चुकी है। फिर इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

स्थानीय लोगों की माने तो अमृता एवं उसके पति का किसी से कोई लड़ाई झगड़ा नहीं था। मृतका का पति सीताराम चौधरी जो भगवानपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला था वर्षों से रिफाइनरी गेट पर अपनी किराना की दुकान चला रहा है। आज बेखौफ अपराधियों के द्वारा ही इस घटना को अंजाम दिया गया। कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं रहने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि गलत नियत से ही अमृता की हत्या की गई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर छानबीन में जुट गई है पुलिस को अनुमान है कि जल्द ही इस मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा। हत्या, हत्या और हत्या पिछले 12 घंटे के दौरान 2 महिला सहित तीन लोगों की हत्या बेगूसराय प्रशासन पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। आखिर अपराधी इतने बेखौफ क्यों हैं और प्रशासन क्या कर रही है? आम लोगों के सामने यह यक्ष प्रश्न खड़ा है और लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। भले सरकार अपराध में कमी की बात करती हो लेकिन अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रशासन की पूरी कार्रवाई फिसड्डी नजर आती है।