पिछले साल की तुलना में अभी बैंकों की उपलब्धि संतोषजनक नहीं है : उपमुख्यमंत्री

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पटना – होटल चाणक्या में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की 67 वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी व सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह की अध्यक्षता में की गई जिसमें बिहार के सभी जिलों के बैंकर्स बैठक में उपस्थित हुए। वहीं बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में अप्रैल से दिसंबर माह तक बैंकों द्वारा किये गए कार्यों की समीक्षा की गई जिसमें पिछले साल की तुलना में अभी बैंकों की उपलब्धि संतोषजनक नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों ने पिछले साल की तुलना में 1400 करोड़ अधिक ऋण वितरण किये हैं। हमलोगों ने केंद्र सरकार से मांग किया था कि मत्स्य, बकरी, फिशरी, मुर्गी, एनिमल पालन के लिए केसीसी के तर्ज पर 4 फीसदी ब्याज पर ऋण मिले। केंद्र सरकार ने इस बजट में घोषणा किया है कि ऐसे ऋण पर 4 फीसदी ब्याज पर ऋण दिया जायेगा।

वहीं उन्होंने कहा कि अब 1 लाख 60 हज़ार तक के क़र्ज़ के लिए जमीन मोर्टगेज नहीं करना पड़ेगा। अभी बिहार में 1 लाख 8 हज़ार गांव है जिसमे बहुत गांव ऐसा है जहाँ बैंकिंग सुविधा नहीं है। हमने बैंकों से आग्रह किया है कि ऐसे गाँव में बैंकिंग विस्तार करें ताकि लाभुकों को दूर नहीं जाना पड़े। हमने वैसे बैंकों का लिस्ट सार्वजानिक किया है जिनका परफॉरमेंस बेहतर है और जिनका नहीं है उन्हें सही करने को कहा है।

मोदी ने राज्यस्तरीय बैंकर्स बैठक में कहा कि बिहार में जितने भी किसान है एक अभियान चलाकर उन्हें केसीसी देने का काम किया जायेगा। इसके लिए पीएम किसान सम्मान योजना में जितने किसानों का नाम है उसे सार्वजानिक किया जायेगा ताकि जो किसान केसीसी लेना चाहें वो इसका लाभ ले सके। इसके लिए किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक की मदद ली जायेगी जिससे किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।