केंद्रीय मंत्री के सपने का आदर्श रेलवे स्टेशन बना पेशाब घर, रेलवे परिसर में बहता है मूत्रधारा

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भोजपुर – स्वच्छता में ईश्वर का वास होता है, स्वच्छता हमारी नैतिक जिम्मेदारी है यह पंक्ति अमूमन हर रेलवे स्टेशन पर आज सुनाई देता है। 4 वर्ष पहले गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर “क्लीन इंडिया” के सुनहरे सपने को पूरा करने का नींव डाले। स्वच्छता भारत अभियान के शंखनाद के चार वर्ष बाद आज एक तरफ जहाँ देश में दीपावली को लेकर जोरो-शोरो पर सफाई का कार्य किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर सफाई को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाला भारतीय रेलवे अपने ही रेलवे परिसर में मूत्र-मल की गंगा बहा रहा है, जिससे यात्री बीमारी को आमंत्रित करने वाले रास्ते से होकर गुजरने पर मजबूर हैं।

बिहार के भोजपुर जिले में दानापुर-मुगलसराय रेलखंड का आरा स्टेशन रेल प्रशासन, रेलवे पुलिस प्रशासन एवं यात्रियों की लापरवाही और अविकसित मानसिकता के कारण आज पेशाब घर बना हुआ है, यहाँ रेलवे परिसर में खुले में मूत्र-मल की धारा बह रही है मगर इस अव्यवस्था पर किसी का ध्यान नहीं है। आरा रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता की ऐसी बदहाली को देखकर आज ना ही गांधी का स्वच्छता भारत का सपना पूरा होगा और ना ही मोदी के क्लीन इंडिया के सपने साकार होंगें। आरा रेलवे स्टेशन की ऐसी तस्वीर को देख कर ऐसा लगता है कि रेलवे प्रशासन सेवा के नाम पर बस खानापूर्ति करने के अलावा कुछ और नहीं कर सकता है।

देश भर में स्वच्छता के नाम पर लोग सड़क पर उतरकर झाड़ू लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर अघोषित मूत्रालय बना यह आरा रेलवे स्टेशन दर्जनों बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है क्योंकि इसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों यात्रियों को गुजरना पड़ता है, ऐसे में किसी को भी गंदगी से गंभीर बीमारी हो सकती है।

आरा रेलवे स्टेशन पर महज 2 महीने पहले केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल अन्य दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ पहुंचे थे। एक वो दिन था जब इसी रेलवे स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया गया था। रेल मंत्री ने करोड़ों रुपये के कार्ययोजनाओं का शिलान्यास किया तब यहाँ इस स्टेशन पर हर जगह कूड़ेदान और शौचालय की साफ-सफाई की गई थी। सफाई कर्मी और पुकिसकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि कोई नियम तोड़कर गंदगी ना फैला पाए।

बाकायदा रेलवे माइक से एनाउंसमेंट कर स्वच्छता को लेकर उपदेश भी दिए जाते थे लेकिन ये सब तब की बातें थीं आज रेलवे परिसर में मुख्य मार्ग, जीआरपी, आरपीएफ, प्लेटफार्म नंबर 1,2 और 3 के अलावा सीढ़ियों, पार्किंग स्थल और डाकघर के आसपास हर जगह गंदगी फैला हुआ है। स्टेशन पर से कूड़ेदान गायब हो गए हैं, सफाईकर्मी अब दिखाई नहीं देते और रेलवे के पदाधिकारियों की नींद नहीं खुलती, यही रेलवे के उस आरा स्टेशन का हाल है जिसे स्थानीय सांसद और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने आदर्श रेलवे स्टेशन बनाने का सपना देखा है।