कांग्रेस को उपेन्द्र कुशवाहा में भविष्य का मुख्यमंत्री दिखता है!

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पटना – सचिव अखिल भारतीय कांग्रेस सह विधायक डॉ.शकील अहमद खां ने रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पर हुए हमले की घोर निंदा की है. उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि दो फरवरी 2019 को बिहार में व्यापक तौर पर फैले शिक्षा से संबंधित अनियमितता एवं गिरती गुणवत्ता के खिलाफ कर रहे रालोसपा के प्रदर्शन पर जिस तरह से हमला हुआ वह एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में धरना प्रदर्शन, रैली इत्यादि करने का अधिकार सबको प्राप्त है. परन्तु बिहार सरकार इस अधिकार से भी लोगों को वंचित करना चाहती है.

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के उपर जिस तरह से बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठी बरसाया गया और लोगों को जख्मी किया गया. यह बिहार सरकार के अमानवीय चेहरे को दर्शाता है. इस प्रदर्शन में रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पर जानलेवा हमला हुआ. उनके सर एवं हाथ पर गंभीर चोटे आयीं. उपेन्द्र कुशवाहा एक प्रतिष्ठित जाने माने राजनैतिक व्यक्ति हैं. बिहार में वह एक समय में विपक्ष के नेता तथा केंद्र में मंत्री तक रह चुके हैं. उनको बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है तथा उनको बिहार सरकार के अमले भी जानते हैं. ऐसे व्यक्ति पर हमला सरकारी दिवालियापन की निशानी है.

अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शायद अपने मुख्यमंत्रित्व पर खतरा कुशवाहा जी के शक्ल में नजर आ रहा है और उनका अपना आधार वोट खिसकता नजर आ रहा है. इसलिए सरकारी तंत्रों के द्वारा उपेन्द्र जी पर जानलेवा हमला किया गया है. इसके साथ ही साथ नहीं भूलना चाहिए कि देश ने नरेंद्र मोदी के काल में अराजकता की पराकाष्ठा देखी है. चूँकि उपेन्द्र कुशवाहा प्रधानमंत्री कौंसिल के मंत्री रहे हैं तथा मुखर रूप से प्रधानमंत्री के कार्यकाल में फैले भ्रष्टाचार तथा अराजकता को देखते हुए उसे सार्वजनिक किया है तथा मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफ़ा दिया है. इसलिए उन पर ये हमला बिहार सरकार को उकसा कर प्रधानमंत्री ने करवाया है.

अत: उन्होंने मांग किया है कि उपेन्द्र कुशवाहा पर किये गये हमले की पूरी न्यायिक जांच हो तथा केन्द्रीय गृह मंत्री, राजनाथ सिंह से मांग करते हुये कहा है कि उपेन्द्र कुशवाहा की सुरक्षा बढ़ाई जाए. क्योंकि आने वाले समय में कुशवाहा पर हमले की साजिश रची जा सकती है.