नीतीश कुमार के शासनकाल में शिक्षा का स्तर पूरी तरह गिर गया – हम

77
0
SHARE

पटना – हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से0) अनुसूचित जाति जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी एल वैश्यन्त्री ने संजय सिंह के द्वारा दिए गए बयान जिसमें कहा गया कि महागठबंधन के नेता लालू ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था बिगाड़ दिया, यह अभियान हताशा में महागठबंधन की बढ़ती ताकत और लालू प्रसाद के बढ़ते कद को देखते हुए सिर्फ और सिर्फ जनता की मति भ्रमित करने का झूठा प्रयास है|

वैश्यन्त्री ने कहा कि वास्तविकता यह है कि लालू प्रसाद यादव के कार्य काल मे 1993 मे बिहार के प्रारंभिक शिक्षा मे सुधार के लिये ऐतिहासिक कदम उठाया गया था| बिहार में सवर्प्रथम बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा 25000 शिक्षकों की बहाली के लिये विज्ञापन निकाल कर नियुक्तियों की गई थी। जिसमें सिर्फ गुणवत्ता युक्त शिक्षक थे| मैं उस समय पटना प्रंमडल का क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक था|

उन्होंने कहा कि जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह को ज्ञान होना चाहिए कि शिक्षा मे गिरावट उस समय से शुरु हो गई जब शिक्षकों की बहाली प्रखंड एवं पंचायत समिति, नगरपालिका अध्यक्ष को दिया गया| यह व्यवस्था वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में इस तरह की व्यवस्था उस समय लागू की गई जिसका परिणाम यह हुआ कि आज शिक्षा का स्तर पूरी तरह गिर गया| जिसका खामियाजा छात्रों के साथ अभिभावकों को भी झेलना पड़ रहा है इसलिए किसी प्रकार का बयान देने से पहले वास्तविकता से उन्हें रूबरू हो लेना चाहिए झूठे आरोप लगाना सही राजनीतिज्ञों की पहचान नहीं|