बिहार इंटरमीडिएट की खराब रिजल्ट बना छात्रा की मौत का कारण

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कैमूर समाचार/ संवाददाता- (Kaimur News) बिहार इंटरमीडिएट के 12वीं के रिजल्ट आने के बाद बहुत से बच्चों में नाराजगी देखने को मिला है। क्योंकि इस बार आए रिजल्ट में 64 प्रतिशत से अधिक बच्चे फेल कर गए हैं। जिसका दुष्परिणाम कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के लबेदहा गांव में देखने को मिला, जहां पर इंटरमीडिएट की छात्रा रुकसाना खातून की रिजल्ट देखने के बाद आय हार्ट अटैक से मौत हो गयी वहीं रुकसाना खातून की मम्मी ने बताया मेरी बेटी पढ़ने में बहुत तेज थी। [पांचवीं और आठवीं के पढाने वाले शिक्षक मैट्रिक और इंटर की कॉपियों का करेंगे मूल्यांकन]

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रिजल्ट आने से पहले अच्छे नंबर लाने की बातें करती थी, लेकिन जब रिजल्ट आया तो उसने भाई के मोबाइल पर अपना रिजल्ट देखा। जिसमें एक विषय में उसका क्रॉस लगा था। उसके बाद भी वह कहती थी कि कोई मेरा कॉपी फिर से चेक करा दे, मैं पास हो जाऊंगी। हम लोग भी उसको आसवासन दिए थे कि ठीक है तुम्हारी कॉपी की जांच कराई जाएगी। तब तक रात में मेरी बच्ची सोई और सोई ही रह गई फिर वह नहीं उठी, वहीं उसके भाई ने बताया कि कल रिजल्ट आने के बाद बहुत खुश होकर मेरे पास आई और बोली की रिजल्ट दिखा दो, जब रिजल्ट देखे तो उसका एक विषय में क्रॉस लगा था जिससे काफी वह मायूस हो गई लेकिन उसको फिर भी यकीन नहीं हो रहा था कि मैं फेल हो गई हूं। रुकसाना डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन बिहार सरकार की इस रिजल्ट ने उसे झकझोर कर रख दिया और रात में सोई जिससे उसका हार्ट अटैक कर गया और वह मर गई। डॉक्टर को बुला करके उस का चेकअप कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि उसका हार्ड अटैक हो चुका है।

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बिहार सरकार की इसमे पूरी तरह गलती है। सरकार ने कॉपी जांचने के लिए प्राइमरी शिक्षकों के हाथ में इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का भविष्य सौंप दिया था। जिसका नतीजा यह रहा कि मेरी बच्ची रुखसाना और उसके जैसी न जाने कितनी और बच्चियां इस बात को समझने में देर कर गई, जिससे उनका मौत हो गया।