भाजपा को पहले से थी नोटबंदी की जानकारी: जदयू

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पटना: प्रदेश जदयू प्रवक्ता ने शुक्रवार को भाजपा द्वारा बिहार समेत देशभर में जिला मुख्यालयों में नोटबंदी के पहले बड़े पैमाने पर जमीन खरीदे जाने पर कहा कि कल रात एक न्यूज़ चैनल पर प्रसारित समाचार के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्थानीय नेताओं के द्वारा बिहार समेत देश के कई जिलों में नोटबंदी के कुछ हफ्ते पहले ज़मीन खरीदवाई। रजिस्ट्री के कागज़ात देखने पर साफतौर पर पता चल रहा है कि जमीन की खरीददारी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के कहने पर हुई है।

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इस सन्दर्भ में यह संशय होना लाजमी है कि भाजपा और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को नोटबंदी की पहले से जानकारी थी। क्योंकि बहुत सारी जमीन एक ही दिन और एक ही हफ्ते के दौरान विभिन्न जिलों में खरीदी गई हैं। उदाहरण के तौर पर, किशनगंज और अरवल में 19 सितम्बर को ज़मीन खरीदी गयी। इसी प्रकार, 14 सितम्बर को मधुबनी और मधेपुरा में जमीन खरीदी गयी। इसके अलावा 6 सितम्बर को लखीसराय और 16 सितम्बर को कटिहार में जमीन की खरीददारी की गई।

इस सन्दर्भ में जदयू ने भाजपा से निम्नलिखित सवालों के जवाब मांगे है-

1. इन सभी जगहों में खरीदी गयी ज़मीन की कुल राशि 4 करोड़ 7 लाख 26 हज़ार बताई गई है। यह वर्तमान बाजार भाव से काफी कम है। बिहार में जमीन का रेट बहुत ज्यादा है, इसे सभी जानते हैं। क्या भाजपा ने ज़मीन की खरीददारी के लिए सर्किल रेट के अलावा भी रुपयों का भुगतान किया है?

2. भाजपा बताये कि ज़मीन की खरीददारी के लिए उसके पास रुपये कहां से आए?
3. जमीन खरीददारी के लिए भुगतान कैश किया गया या चेक से?
4. जमीन रजिस्ट्री के कागज में हर खरीददार का पता भाजपा का दिल्ली मुख्यालय 11, अशोक रोड लिखा हुआ है। इसका मतलब रुपयों का इंतजाम भाजपा मुख्यालय के द्वारा किया गया। ये रुपये बिहार के नेताओं के पास कैसे पहुंचे?

प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी कालेधन के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें बोल रहे हैं, दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के नेता जनार्दन रेड्डी 500 करोड़ की शाही शादी करवाते हैं। कथनी और करनी का फर्क भाजपा की खास पहचान बन गया है।

एक ऐसे समय में जब देशभर के लोग नोटबंदी के वजह से बुरी तरह प्रभावित हैं और कई तरह की दिक्कत का सामना कर रहे हैं। जदयू मांग करती है कि इन सभी जमीन खरीद के मामलों की न्यायिक और संयुक्त संसदीय समिति से जांच करवाई जाए। ताकि देश की जनता को यह साफ-साफ पता चल सके कि इन जमीनों की खरीददारी में भाजपा ने कालेधन का इस्तेमाल किया है या नहीं।

जदयू प्रदेश प्रवक्ताओं ने बीजेपी की ऑडिट में दिखलाए गए पार्टी फण्ड के मुकाबले काफी ज्यादा रकम की जमीन खरीद के लिए जुटाए गए धन पर भी सवाल उठाया।

जदयू प्रवक्ता संजय सिंह, नीरज कुमार और श्री राजीव रंजन प्रसाद ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।