बकांड प्रत्याशा छोड़कर सार्थक और सकारात्मक भूमिका निभाना सीखें विपक्ष

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PATNA: पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस के साथ शुरू से ही एक बड़ी समस्या यह रही है कि कांग्रेस सोचती है कि शासन करना तो उसके अलावे किसी को आता ही नहीं है। कांग्रेस शासन को हर तरह का जोड़ तोड़, भ्रष्टाचार, लूट-खसोट ही मानती रही है । मुझे याद है जब 2014 में पहली बार नरेन्द्र मोदी जी पूर्ण बहुमत लेकर आये तो, कांग्रेस के लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि यह सरकार तो चलेगी ही नहीं । यह तो गिर जायेगी। इनको सरकार चलाने का अनुभव ही नहीं है। यह सरकार काम नहीं कर सकती, बगैरह-बगैरह अफवाहों को फैलाने में पूरी कांग्रेस लग गयी। खैर, वह मोदी सरकार पूरे पांच वर्ष बहुत बढ़िया से चली और विकास का खूब काम भी हुआ। मोदी जी फिर उससे अधिक बहुमत से दोबारा जीत कर आये भी। फिर भी कुछ न कुछ विरोधी दलों को बोलने की आदत है, तो वे बोल ही रहे हैं। पच नहीं रहा है उन्हें कि देश में शासन करने के लिए एक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बैठा हुआ है और बढ़िया काम भी कर रहा है।

आरके सिन्हा ने कहा कि यही प्रवृति अब बिहार में भी फैल गयी है और राजद भी जो कि शुरू से ही कांग्रेस विरोधी राजनीति करते थे, अब कांग्रेस के सुर में सुर मिलाकर बोलने लग गये हैं कि नीतीश जी की सरकार नहीं चलेगी। अरे भाई, नीतीश जी सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं जो बिहार में कोई भी नहीं बना है अब तक। उन्हें जो अनुभव है पहले उतना प्राप्त कर लें, फिर बोलें। सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाना सीखें और बकांड प्रत्याशा से बचें