जब बैंड-बाजा और बारात के साथ दुल्हन पहुंची लड़के के घर..

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चंपारण: दूल्हे को बारात ले जाते तो आपने खूब देखा होगा। मगर ऐसी दुल्हन आपने अब तक नहीं देखी होगी जो बारात लेकर दूल्हे के दरवाजे तक पहुंच जाए और कहे कि मुझे दूल्हा चाहिए। जी हां ये दुल्हन सचमुच दूल्हे को बिदा कर ले जाने बैंड बाजे के साथ सीधे दूल्हे के घर तक पहुंच गई। दुल्हन के तेवर में तल्खी थी तो आंखों में जिद, जिद अपने प्रेमी से शादी रचाने की।

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बिहार के पश्चिम चंपारण जिला के बैरिया प्रखंड में पहले से तय शादी से इंकार करने पर लड़की खुद बाराती लेकर लड़के के दरवाजे पर धमक गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़की बारात के साथ सुबह 10 बजे तक डटी हुई थी।

दरअसल पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि थाने के धनखैरटिया गांव के लालबहादुर सहनी की पहली लड़की गीता कुमारी की शादी पश्चिमी चंपारण के बैरिया थाना स्थित तिलंगही गांव के केदार चौधरी के पुत्र दीपक चौधरी के साथ हुई थी। सब कुछ तय हो गया था लेकिन ऐन वक्त पर लड़का पक्ष के इंकार करने के बाद लड़की खुद बारात लेकर लड़के के घर चली आई लेकिन घर पर लड़का नहीं मिला तो लड़की बारात लेकर पास में स्थित तिलंगही मठ पर जम गई। लड़की के साथ आए बारातियों का कहना है कि हम शादी करके ही वापस जाएंगे।

लड़की गीता ने बताया कि उसके भाई की शादी दीपक की बहन से हुई है जो लुधियाना रहता था और वहीं से उसके घर अक्सर फोन किया करता था और इसी फोन के माध्यम से उन दोनों ने बातें शुरू हुई और मामला प्यार तक पहुंच गया। फिर क्या था लड़का उसके घर आने जाने लगा और शादी करने की इच्छा जाहिर की। लड़की के इनकार करने पर वह जहर खाकर मरने की धमकी देने लगा। तब लड़की ने हां कर दी। दोनों लगभग 10 वर्षों से एक दूसरे के संपर्क में थे। गीता और दीपक ने पति पत्नी बन कर अपना जीवन बीमा के साथ आधार कार्ड भी बनवाया है।

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गीता को पति मानकर अपने हाथों पर उसके नाम का गोदना भी गुदवाया है लेकिन सब होने के बाद जब लड़के ने लड़की से मिलना-जुलना छोड़ दिया तब लड़की लड़के के घर आई लेकिन उसे मारपीट कर लड़के और उसके घर वालों द्वारा भगा दिया गया। उसके बाद लड़की के पिता और उसके भाई लड़के के घर आए और उन्हें भी पीटा गया।

फिर समाज के डर से लड़के के पिता ने पंचायत में दो लाख बीस हजार का दहेज लेकर शादी करने की बाद स्वीकार कर ली और लग्नपत्रिका भी उतरवा ली गई जिसमें 16 अक्टूबर का दिन शादी के लिए तय हुआ। लेकिन फिर लड़का पक्ष ने फोन पर शादी करने से इंकार कर दिया तो लड़की ने खुद ही कमान संभाली। बारात सजाई और लड़के के घर आ गई है। पूरी बारात यही जमी है भोजन पानी की व्यवस्था भी लड़की वालों ने कर लिया है ठहरने का इंतजाम हो गया है लेकिन लड़का फरार है और लड़की ने जिद ठानी है कि वह शादी करके ही मानेगी।

पंचायत के पूर्व मुखिया ने बताया कि सारे गांव के सामने लड़के के पिता केदार चौधरी ने बॉन्ड बनाकर यह माना था कि वह लड़की पक्ष से दो लाख बीस हजार रुपया लिया है और 16 नवंबर को बारात लेकर जाएगा लेकिन उनके इंकार करने पर ऐसी नौबत आई है कि कानून और सामाजिकता यह कहता है कि लड़का पक्ष को शादी करना चाहिए अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर कानूनी कार्यवाही करने की पहल होगी।

अब यह देखान है कि लड़की शादी करके लौटती है या खाली हाथ। यह आने वाला वक्त ही बताएगा।